गुरुग्राम। याद कीजिए बचपन की वो सुबह, जब आंगन में गौरैया की चहचहाहट से पूरा घर, वातावरण चहक जाता था, लेकिन अब ऊंची इमारतों से सजे कंक्रीट के जंगलों और बढ़ते प्रदूषण से वो चहक, वो नन्हे पंख हमसे दूर हो गए हैं। विश्व गोरैया दिवस उन्हीं नन्हें पंखों को स्वछंद आसमान देने के लिए मनाया जाता है। नवकल्प फाउंडेशन ने भी इसमें भागीदारी करके अपने नौ कल्पों के अनुरूप कार्य करने की पहल को आगे बढ़ाया।
-सुरक्षित घर के रूप में दाना-पानी नेस्ट लगाकर अपनी पहल को दी गति -कार्टरपुरी नंदीधाम में लगाए गए दाना-पानी नेस्ट
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कार्टरपुरी रोड स्थित नंदीधाम गौशाला में नवकल्प फाउंडेशन के दाना-पानी-नेस्ट अभियान के तहत बेजुबान पक्षियों के लिए सुरक्षित घर और दाना-पानी की व्यवस्था की गई। नवकल्प के इस अभियान में जमुना ऑटो ने भी हाथ बढ़ाया है। उनकी सहभागिता ने अभियान को नई ऊर्जा दी है। नवकल्प के महासचिव डॉ. सुनील आर्य ने कंपनी की हेड ग्रुप सीएसआर ेसंयम मराठा के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सांझेदारी दर्शाती है कि जब कॉरपोरेट जगत और सामाजिक संस्थाएं संवेदनाओं के साथ मिलती हैं, तो पर्यावरण की रक्षा का संकल्प और भी मजबूत हो जाता है। नंदीधाम गौशाला में दाना पानी नेस्ट लगाने के लिए नवकल्प की आर्ट एंड कल्चर कल्प की कन्वीनर मीनाक्षी सक्सेना, पर्यावरण गतिविधि से विनोद दूबे, सत्येंद्र शर्मा, शम्मी अहलावत, देव प्रिय दूबे, मंजू जिंदल, विनय भारद्वाज, अंजू गौतम, लाल बिहारी, गौशाला के व्यवस्थापक आशीष शर्मा, माली सूरज सहित कई लोग मौजूद रहे।