चंडीगढ़, 19 मार्च-प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के अंतर्गत हरियाणा राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1122 करोड़ रुपये की व्यापक वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी है। यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता हुई बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान वर्तमान में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस कार्ययोजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, सिंचाई दक्षता में सुधार करना तथा राज्य में कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एसएलएससी की बैठक मशीनीकरण, फसल विविधीकरण और सतत कृषि पर विशेष जोर
अनुराग रस्तोगी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निधियों के समयबद्ध उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया ताकि इन योजनाओं का लाभ किसानों तक जमीनी स्तर पर पहुंच सके। बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषोन्नति योजना तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान केन्द्र सरकार ने पीएम-आरकेवीवाई के विभिन्न घटकों के तहत हरियाणा के लिए 318.17 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी, जिसमें से 240.46 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया जा चुका है। यह उपयोग दर 75 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए केन्द्र सरकार ने हरियाणा के लिए पीएम-आरकेवीवाई के तहत 545.53 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी निर्धारित की है, जबकि राज्य सरकार 363.69 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इस प्रकार कुल आवंटन 909.22 करोड़ रुपये होगा।
राज्य में कृषि मशीनीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए बजट का बड़ा हिस्सा इन क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। कृषि मशीनीकरण उप-मिशन के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया है। इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग मशीनों की खरीद और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खेत में ही अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए किया जाएगा।