चंडीगढ़ , 18 मार्च - ईआरएसएस-112 के संचार अधिकारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप, डॉ. एम.पी. शर्मा तथा सिविल अस्पताल, पंचकूला की मनोवैज्ञानिक सामाजिक कार्यकर्ता अंकिता चौधरी ने मुख्य भूमिका निभाई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य 112 संचार अधिकारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना था, ताकि वे आत्महत्या, आत्म-क्षति, अवसाद एवं तनाव से जुड़े मामलों जैसे मानसिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें। चूंकि ये अधिकारी संकट की स्थिति में प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं, इसलिए उन्हें संवेदनशीलता, सहानुभूति और पेशेवर तरीके से प्रतिक्रिया देने हेतु व्यावहारिक कौशल प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण के दौरान "कॉल के दौरान मौखिक संकेतों के माध्यम से आत्महत्या एवं आत्म-क्षति के चेतावनी संकेतों की पहचान करने" , सक्रिय सुनने (Active Listening) एवं डी-एस्केलेशन तकनीकों के माध्यम से तनावग्रस्त कॉलर्स का प्रबंधन करने , फोन पर त्वरित भावनात्मक सहयोग एवं आश्वासन प्रदान करने ,अवसाद, चिंता एवं तनाव जैसी सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समझ होने , आपातकालीन एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समयबद्ध समन्वय एवं रेफरल सुनिश्चित करने जैसे प्रमुख बिंदुओं की समझ होने पर बल दिया गया।