चंडीगढ़, 18 मार्च। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन राज्य सरकार ने चर्चा के उपरांत पांच महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया। इन विधेयकों का संबंध राज्य की वित्तीय व्यवस्था, पुलिस प्रशासन, शहरी विकास और भूमि प्रबंधन से है। सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
सबसे पहले हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2026 पारित किया गया, जिसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार को लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपये के व्यय की अनुमति प्रदान की गई। यह राशि विभिन्न सरकारी सेवाओं और विकास योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
इसके अलावा हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य पुलिस शिकायत प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। इसमें पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायतों के निपटान की प्रक्रिया को स्पष्ट करने और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों को न्याय मिलने में सुविधा होगी।
वहीं, हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली गारंटियों पर सीमा निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। यह कदम वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और संभावित आर्थिक जोखिमों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की सिफारिशों के अनुरूप है।
शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया गया। इस संशोधन के तहत भूमि की अदला-बदली के जरिए किए जाने वाले अप्रत्यक्ष सौदों को भी नियमन के दायरे में लाया गया है, ताकि अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।