चण्डीगढ़: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने NCRB 2023 के चौंकाने वाले आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह से सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो चुकी है। NCRB रिपोर्ट पर हरियाणा की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि POCSO मामलों में हरियाणा आगे है, लेकिन कार्रवाई में बहुत पिछड़ा हुआ ह।AAP हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुशील गुप्ता ने हरियाणा की चरमराई कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते बताया कि NCRB 2023 के अनुसार POCSO अधिनियम के तहत हरियाणा में 2,044 मामले दर्ज किए गए, जो उत्तर भारत में सबसे अधिक हैं। यह संख्या पंजाब (782) और हिमाचल प्रदेश (3) जैसे राज्यों की तुलना में कई गुना ज्यादा है, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
2,044 POCSO केस के साथ हरियाणा का टॉप पर होना शर्मनाक पोस्को मामलों में चार्जशीट दर सिर्फ 39.6%—भाजपा सरकार पूरी तरह विफल
National Crime Records Bureau के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष की बात करे तो भाजपा शासित राज्यों में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम और बिहार जैसे बड़े राज्य शीर्ष पर हैं, लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में POCSO मामलों के संदर्भ में हरियाणा का शीर्ष पर होना बेहद चिंताजनक है।
बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े, न्याय घटा POCSO मामलों में हरियाणा आगे, लेकिन कार्रवाई में पीछे
सुशील गुप्ता ने आगे कहा कि इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि हरियाणा में इन मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की दर मात्र 39.6% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 64.3% है। यह दर्शाता है कि न केवल अपराध बढ़ रहे हैं, बल्कि न्याय प्रक्रिया भी बहुत कमजोर है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने हरियाणा की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। इस रिपोर्ट से पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में भारी लापरवाही बरती जा रही है।