जींद। सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) के नतीजों के बाद जहां देशभर में जश्न का माहौल होता है, वहीं हरियाणा के जींद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (सीआरएसयू) के जनसंचार विभाग के अंतिम वर्ष के स्टूडेंट अमन कुमार पर आरोप है कि उसने यूपीएससी परीक्षा पास करने का फर्जी दावा किया और लोगों की वाहवाही बटोरी।
दरअसल हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आया था। सीआरएसयू के एक स्टूडेंट अमन कुमार ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह जानकारी साझा की थी कि उसने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। अमन ने दावा किया था कि उसकी 818 रैंक आई है। जबकि 818 रैंक साउथ के किसी दूसरे छात्र की रैंक है। इस खबर के फैलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई थी। अमन के घर बधाई देने वालों को तांता लग गया। बाकायदा यूनिवर्सिटी में मिठाई बांटी गई। उक्त स्टूडेंट अपने दोस्तों के साथ मिठाई लेकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रामपाल सैनी के पास पंहुचे और उनका मुंह मीठा करवाया। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रामपाल सैनी ने खुद यूनिवर्सिटी की सोशल मीडिया अकाउंट पर स्टूडेंट अमन के साथ फोटो शेयर कर बधाई दी। लगभग सभी समाचार पत्रों में फोटो के साथ इसका समाचार प्रकाशित किया गया।
सीआरएसयू में फर्जी जश्र, यूपीएससी में 818 रैंक का दावा निकला झूठा -वाइस चांसलर ने खुद दी थी बधाई, अब लीपापोती में जुटा प्रशासन -यूनिवर्सिटी ने छात्र को बताया पास आउट,जबकि रिकॉर्ड में जनसंचार विभाग के अंतिम वर्ष का छात्र है अमन
हालांकि बाद में मामले का खुलासा होने पर यूनिवर्सिटी के सभी सोशल मीडिया अकाउंट से ये फोटो डिलीट कर दी गई। यही नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट अमन से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अमन हमारी यूनिवर्सिटी से पास आउट छात्र है वह हमारा स्टूडेंट नही है। जबकि हकीकत यह है कि यूपीएससी में रैंक आने का झूठा दावा करने वाला अमन यूनिवर्सिटी के जनसंचार विभाग के अंतिम वर्ष का स्टूडेंट है। इस मामले का खुलासा होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन लीपापोती में जुटा है। इस मामले मेें स्टूडेंट अमन कुमार से बात करनी चाही मगर उसने फोन नहीं उठाया। उसके वाट्सएप पर मैसेज करने के बाद भी उसने कोई जवाब नहीं दिया।
अमन द्वारा यूनिवर्सिटी के एक छात्रों के ग्रुप में किया गया मैसेज-
सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) के नतीजे आने के बाद अमन ने दो दिन यूनिवर्सिटी में जमकर जश्न मनाया। यूनिवर्सिटी के वीसी, टीचर्स व स्टूडेंट्स को मिठाई खिलाकर सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की गई। फिर अचानक से अमन ने सभी दोस्तों से दूरी बना ली और किसी से फोन पर बात नही की। उसने यूनिवर्सिटी के एक छात्रों के ग्रुप में यह मैसेज किया-
मेरी जिंदगी में कुछ व्यक्तिगत समस्या चल रही है, कृपया किसी को मेरा नंबर या डिटेल्स मत दो, आप सबका दिल से आभार आपने मेरे लिए इतना किया पर मेरी मजबूरी समझो, मेरी कुछ चीजें व्यक्तिगत खराब चल रही है, मैं डिप्रेशन में हूं। मुझे आशा है कि कोई पूछे तो साफ मना कर दो मेरे बारे में। मैं किसी भी प्रकार की खुशी के लायक नहीं हूं। अभी ना मैं खुश और मुझे आशा है कि संदेश के बाद मेरे को कोई कॉल या संदेश भी न करें। मैं 400 से ज्यादा कॉल अटेंड कर चुका हूं लेकिन मैं मानसिक रूप से परेशान हूं ,मेरे या यूपीएससी के बारे कोई पूछे तो कुछ भी बहाना बना देना। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं। कृपया उम्मीद करता हूं भरोसा ना तोड़े जब ठीक हो जाऊंगा खुद से आउंगा सबके साथ।