चंडीगढ़, 18 मई। हरियाणा के सभी 22 जिले ओरेंज जोन में शामिल हैं, यानी राज्य में औद्योगिक सहित सभी प्रकार प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों को शुरू किया जा सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ हुई समीक्षा बैठक के दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र के सामने राज्यों को अधिकार देने और जोन तय करने के अधिकार दिए हैं। प्रदेश में अंबाला और यमुनानगर ऐसे जिले हैं, जहां कोरोना का कोई भी केस नहीं है लेकिन फिर भी ये जिले अभी ओरेंज जोन में ही रहेंगे। लॉकडाउन के चौथे चरण में जोन तय करने का फैसला राज्य सरकारें तो करेंगी ही साथ ही, वे खुद तय करेंगी कि इसे जिला स्तर पर लागू करना है या सब-डिवीजन लेवल पर। हरियाणा में अभी तक जिलों के हिसाब से डॉटा तैयार किया गया है। ऐसे में जोन भी जिलों के स्तर पर ही बनेंगे। केंद्र की नई गाइन लाइन के हिसाब से अब प्रदेश का कोई भी जिला क्रिटिकल जोन में नहीं है। नई दिल्ली की वजह से फैले संक्रमण के बाद प्रदेश के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व झज्जर जिला को रेड जोन में माना जा रहा था लेकिन ये जिले भी ओरेंज जोन में ही हैं। रेड जोन को क्रिटिकल पॉजिशन के तौर पर माना जाता है। अब केंद्र ने तय किया है कि जिस जिले में 200 से अधिक कोविड-19 के पॉजिटिव केस हैं, उसी जिले को क्रिटिकल जोन में माना जाएगा। एक लाख तक की आबादी पर भी अगर 15 एक्टिव केस हैं तो उसे भी क्रिटिकल जोन कहेंगे।