जींद, 17 मई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके तहत कोरोना संक्रमित मरीज जो पीजीआई रोहत से ठीक होकर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से घर वापस लौटना चाहेगा उसे रोहतक से जींद तक का आधा किराया देना होगा। इससे पहले जब भी कोरोना संक्रमित ठीक होकर स्वासथ्य विभाग की एंबुलेंस से घर वापस लौटे हैं, उन्होंने कोई किराया नहीं दिया है। अब सरकार की इस नई गाइडलाइन के अनुसार ठीक होकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति यदि सरकारी एंबुलेंस में आता है तो उसे साढ़े तीन रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराये का भुगतान करना होगा। जींद से रोहतक लगभग 60 किलोमीटर है। इस प्रकार एंबुलेंस का आने-जाने का 120 किलोमीटर होगा। मरीज को रोहतक से आने के लिए 420 रुपये देने होंगे। सरकारी दिशा-निर्देशानुसार कोरोना संक्रमितों को उपचार के लिए पीजीआई ले जाया जाता है। जींद में जितने भी कोरोना संक्रमित लोग मिले हैं, उनका उपचार पीजीआई में ही हो रहा है। कोरोना संक्रमित को पीजीआई रोहतक में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से ही ले जाया जाता है। इसके बाद जब वह ठीक हो जाते है तो भी स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस ही उनको पीजीआई से लेकर उनके घर पर छोडऩे जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज को सरकारी एंबुलेंस मुफ्त में मिलती है। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार के नियमों के बदल दिया गया है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव मिलता है तो उसे स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस घर से लेकर आएगी और रोहतक पीजीआई में मुफ्त छोड़ेगी। इसके बाद मरीज के ठीक होने पर उससे पूछा जाएगा कि उसे स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस चाहिए या नहीं। यदि चाहिए तो उसे साढ़े तीन रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। हालांकि सरकारी एंबुलेंस का किराया सात रुपये प्रति किलोमीटर है। कई बार कोई मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाना चाहता है तो उसे सरकारी एंबुलेंस को सात रुपये किलोमीटर के हिसाब से किराया देना होता। एंबुलेंंस केवल सरकारी अस्पतालों के लिए ही मुफ्त में उपलब्ध है। नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) ने बताया कि नए निर्देशों में एंबुलेंस केवल कोरोना संक्रमित को पीजीआई छोडक़र आएगी। यदि मरीज एंबुलेंस में आना चाहता है तो उसे आधा किराया देना होगा, आधा किराया सरकार देगी। हालांकि अब तक कोरोना संक्रमित मरीजों को सरकारी एंबुलेंस फ्री में लेकर जाती थी तथा पीजीआई से फ्री में ही लाती रही है।