चंडीगढ़। जीवन के अनुभवों तथा भावनाओं को अगर शब्दों में पिरोया जाए तो वह कहानी का रूप ले लेती है। कहानी को अगर पन्नों पर प्रकाशित किया जाए तो वह किताब बन जाती है। 15 महिलाओं को एक मंच पर लाकर उनके अनुभवों को कहानी का रूप दिया है वुमानी डॉट कॉम ने। लिटरेरी लांज के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में वुमानी ने अपनी दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर अपनी पहली पुस्तक ‘वुमानी की कहानियाँ’ का भव्य विमोचन किया।
वुमानी ने दूसरी वर्षगांठ पर किया पहली पुस्तक का विमोचन
15 महिलाओं ने अनुभवों व भावनाओं को शब्दों में पिरोया
यह पुस्तक केवल रचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि वुमानी से जुड़ी 15 महिला लेखकों के अनुभवों, भावनाओं और उनकी साहित्यिक यात्रा की सजीव अभिव्यक्ति है। इसमें जीवन की भागदौड़ में खो जाती संवेदनाओं, रिश्तों और आत्मखोज को कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
इस अवसर पर लिटरेरी लांज पब्लिकेशन के संस्थापक तन्मय शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक 15 कहानियों का संग्रह है, जिसमें जीवन के कई अनकहे पहलुओं की तलाश दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि हर कहानी अपने आप में एक विचार है, जो विश्वास और मेहनत के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा देती है।
इस पुस्तक में सुषमा यादव, अल्का गर्ग, डॉ. मधु कश्यप, संजू कुशवाहा, निशा जैन, कमलेश अहुजा, उर्मिला सिन्हा, प्रवीण महाजन, अरवीना गहलोत, अमिता कुचिया, भाविनी उपाध्याय, पूनम भारद्वाज, यशोदा, शाहीन खान और लवलीन धालीवाल की रचनाएं शामिल हैं। वुमानी की संस्थापक कंचन गुप्ता और लवलीन धालीवाल ने बताया कि वुमानी डॉट कॉम महिलाओं का एक ऐसा डिजिटल मंच है, जहां महिलाएं बेबाकी के साथ अपने अनुभव साझा करती हैं। यह अनुभव सभी के लिए सीखने, संवाद स्थापित करने और अपनी रचनात्मक पहचान को नया आयाम देने वाला रहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘वुमानी की कहानियाँ’ आने वाले समय में नए लेखकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगी।