गुरुग्राम। लायंस पब्लिक स्कूल में कक्षा नर्सरी से दूसरी तक के विद्यार्थियों ने इट्स ए स्मॉल वल्र्ड और स्नो व्हाइट-ए टेल ऑफ ट्रयू ह्यमैनिटी विषय पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उत्साह एवं उमंग के साथ बच्चों ने अपनी भव्य प्रस्तुति इस कार्यक्रम में दी। बच्चों की रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला।
-लायंस पब्लिक स्कूल में कक्षा नर्सरी से दूसरी तक के विद्यार्थियों ने पेश किए कार्यक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या दीपिन्दर कौर, चेयरमैन डॉक्टर के.एस. ढाका, मैनेजर राजीव कुमार तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित करके किया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ अतिथियों का स्वागत किया। प्रधानाचार्या ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह विद्यालय बालकों को प्रसन्नतापूर्वक ज्ञान देने का एक सर्वोत्तम स्थान है। यहां बच्चे दयालुता और विनम्रता आदि गुणों को सहज रूप में सीख लेते हैं। कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति इट्स ए स्मॉल वल्र्ड पर आधारित थी, जिसका मुख्य संदेश वैश्विक एकता, शांति एवं मानवता रहा। कार्यक्रम में आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां बच्चों ने पेश की, जिनमें कैंडी डांस, स्कूल डांस, चंदा मामा डांस, पेंगुइन डांस, रोबोट डांस एवं नेचर डांस प्रमुख रहे।
द्वितीय प्रस्तुति-स्नो व्हाइट-ए टेल ऑफ ट्रयू ह्यूमैनिटी पर आधारित थी, जिसमें यह दर्शाया गया कि हमें ईष्र्या और घमंड जैसी बुराइयों को छोडक़र सबके साथ प्रेम से रहना चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि अच्छे कर्मों का फल सदैव सकारात्मक होता है।
अपने संबोधन में चेयरमैन लॉयन डॉक्टर के.एस. ढाका ने कहा कि आज का संसार एक ग्लोबल विलेज बन चुका है। जिसके कारण विभिन्न संस्कृतियां और सभ्यताएं एक-दूसरे के और अधिक निकट आ गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया ने दुनिया को और भी छोटा (स्मॉल वल्र्ड) बना दिया है, जिससे आपसी संपर्क और समझ पहले से कहीं अधिक सरल हो गई है। इस अवसर पर चेयरमैन इलेक्ट लॉयन डी.वी. तनेजा, ट्रस्टी लॉयन अशोक सोमल, लायंस पब्लिक स्कूल सेक्टर-102 से उपप्रधानाचार्या अरुणा बहल एवं पीटीए सदस्य वर्षा भी उपस्थित रहीं।
विद्यालय प्रबंधक राजीव कुमार ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफल हो सका। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजक रहा, बल्कि बच्चों में संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सहयोग एवं आत्मविश्वास को विकसित करने वाला सिद्ध हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से मनोरंजन के साथ बच्चों में संस्कृति, नैतिक मूल्यों का विकास करना उद्देश्य रहता है।