चंडीगढ़, 15 मई। हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुआ शराब घोटाला मनोहर सरकार के गले की फांस बन गया है। विपक्ष जहां इस मुद्दे पर पूरी आक्रामकता के साथ सरकार को घेर रहा है वहीं सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन भी जांच को लेकर एकमत नहीं है। केवल गृहमंत्री अनिल विज शराब घोटाले को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत अन्य कैबिनेट मंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं। हरियाणा की मनोहर सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद सरकार पहली बार किलोमीटर स्कीम घोटाले में घिरी लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मुहिम नहीं बना पाया। अब लॉकडाउन के दौरान सुर्खियों में आया शराब घोटाला सरकार के लिए नई मुसीबत बन गया है। इस घोटाले को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। शराब घोटाले की जांच के मुद्दे पर आबकारी मंत्री दुष्यंत चौटाला और गृहमंत्री अनिल विज के विरोधाभासी बयान पहले ही सार्वजनिक हो चुके हैं। अनिल विज ने अपने बल पर एसआईटी तो बनाई लेकिन अफसरशाही ने अधिसूचना जारी करते समय उसे एसईटी बना दिया।
दूसरी तरफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा इनेलो विधायक अभय चौटाला इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग उठा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि शराब घोटाले की परतें जहां पूरे प्रदेश में खुलती जा रही है वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इस मुद्दे पर चुप हैं।