चंडीगढ़, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ.पी. सिंह ने देर रात राज्य की पुलिस व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई ने पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा भर दी है। डीजीपी सिंह ने खुद अपनी गाड़ी से रात करीब 10 बजे यमुनानगर से अंबाला तक कई थानों, चौकियों और नाकों का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
डीजीपी ओपी सिंह रात में खुद निकले पुलिस व्यवस्था देखने, थानों और चौकियों में किया औचक निरीक्षण
यमुनानगर से अंबाला तक रात की यात्रा:
डीजीपी सिंह ने अपनी यात्रा की शुरुआत यमुनानगर जिले के कलानौर बॉर्डर नाके से की, जहाँ उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से बात की और सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मौके पर पहुंचे एसपी कमलदीप गोयल को उन्होंने निर्देश दिए कि नाकों की कार्यक्षमता और सतर्कता हर समय सर्वोच्च स्तर पर बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने नाकों पर पुलिसकर्मियों के लिविंग एन्वायरमेंट को और अधिक बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया|
इसके बाद वे अंबाला जिले के साहा थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने करीब 70 मिनट तक SHO और स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने केस डायरी, लंबित मामलों, अपराधियों की गतिविधियों और थानों के बीच समन्वय की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
‘मैन-टू-मैन मार्किंग’ की रणनीति:
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण के लिए अब “मैन-टू-मैन मार्किंग” अपनाई जाएगी। प्रत्येक सक्रिय अपराधी की निगरानी के लिए 4–5 पुलिसकर्मियों की समर्पित टीम लगाई जाएगी ताकि अपराधियों को हर कदम पर पुलिस की मौजूदगी का एहसास रहे और उनकी गतिविधियों पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके।
सूचना नेटवर्क और मीडिया की भूमिका पर बल:
कलानौर चौकी पर निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने निर्देश दिए कि एसएचओ रोजाना सुबह क्षेत्र का राउंड करें और हाल ही में जेल से छूटे या संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों पर रिपोर्ट तैयार करें। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की जाए ताकि समन्वित कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि जनता को यह भी पता होना चाहिए कि पुलिस सिर्फ अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले भी सक्रिय है।
थानों की व्यवस्थाओं और पब्लिक डीलिंग पर विशेष ध्यान:
डीजीपी ने साहा थाने में रिकॉर्ड, जब्त वाहनों की स्थिति, विजिटर क्षेत्र और कर्मियों की तैनाती की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि थानों में आने वाला हर नागरिक सहज महसूस करे — इसके लिए थानों में साफ-सुथरे विज़िटर रूम और प्रशिक्षित स्टाफ अनिवार्य किए जा रहे हैं।
नई जवाबदेह कार्यसंस्कृति की दिशा में कदम:
डीजीपी ओ.पी. सिंह के इस रात्रि निरीक्षण में आईजी राकेश कुमार आर्य भी साथ रहे। यह निरीक्षण न केवल पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरक रहा बल्कि यह संदेश भी देता है कि अब हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता जमीनी उपस्थिति, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही है।