चंडीगढ़। प्राइवेट स्कूल संघ ने कहा है कि अगर सरकार निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित फीस की अदायगी समय पर करे तो निजी स्कूल संचालक आरटीई के तहत 25 प्रतिशत की बजाय शत प्रतिशत बच्चों को फ्री पढ़ाने के लिए तैयार हैं। आधा सत्र बीत जाने के बाद भी अभी तक दाखिला देने वाले स्कूलों की प्रतिपूर्ति राशि जारी नहीं की गई है।
आधा सत्र बीतने के बाद भी नहीं जारी हुई फीस की राशि
सरकार समय पर फीस अदायगी करे तो शत प्रतिशत बच्चों को देंगे मुफ्त शिक्षा
आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि देने की बजाय शिक्षा विभाग निजी स्कूलों पर लगा रहा है जुर्माना
के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि हरियाणा नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्रारंभिक कक्षा में सभी मान्यता प्राप्त प्राईवेट विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटे गरीब बच्चों के दाखिले के लिए अनिवार्य की गई है। छह महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक आरटीई के तहत दाखिले देने वाले स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि जारी नहीं की गई है और सीट दिखाने के बाद भी स्कूलों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
प्रांतीय महासचिव पवन राणा सालवन व रणधीर पूनिया टोहाना ने कहा कि 1680 अप्रकाशित सीटों वाले मान्यता प्राप्त स्कूल जिनकी मंथली फीस एक हजार रुपए तक है उन स्कूलों पर 30000 रुपए जुर्माना, तीन हजार तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 70000 हजार जुर्माना, छह हजार तक फीस लेने पर 100000 रुपए जुर्माना तथा छह हजार से अधिक फीस लेने वाले स्कूल की सूची बनाकर प्रमाण पत्रों सहित सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निदेशालय भेजनी होगी ताकि महानिदेशक मौलिक शिक्षा महोदय द्वारा उन्हें निजी सुनवाई का अवसर मिल सके।
प्रेस सचिव सलिंदर शास्त्री जयसिंगपुरा व राजबीर ढाका रोहतक व ने कहा कि 1128 मान्यता प्राप्त स्कूल जिन्हें डीईईओ द्वारा मान्यता व अन्य स्थिति के आधार पर अस्वीकृत किया गया ऐसे एक हजार रुपए तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 5000 रुपए जुर्माना, एक हजार से दो हजार रुपए तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 10000 रुपए जुर्माना, तीन हजार रुपए तक फीस लेने पर 15000 हजार रुपए जुर्माना तथा पांच हजार रुपए तक फीस लेने वाले स्कूलों की सूची बनाकर प्रमाण पत्रों सहित सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निदेशालय भेजनी होगी ताकि महानिदेशक मौलिक शिक्षा विभाग इन्हें भी निजी सुनवाई का अवसर दे सके।
प्रदेश वरिष्ठ उप प्रधान संजय धतरवाल डीसीएम बिठमरा व अशोक कुमार रोहतक ने कहा कि इसके अलावा जो मान्यता प्राप्त या गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बंद हो चुके हैं, जो गैर मान्यता प्राप्त स्कूल अभी भी चल रहे हैं और जिन स्कूलों की मान्यता 31 मार्च 2025 तक ही थी। इन सभी की सूची 23 अक्टूबर 2025 यानी कल तक सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निदेशालय की मेल पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया चानोत व कुलदीप यादव ढाना खुर्द ने कहा कि ये टोटल 2808 प्राईवेट स्कूल ऐसे हैं जिनका एमएमएस पोर्टल कई महीने से बंद पड़ा है जिस कारण इनके बच्चो के ऑनलाइन दाखिले नहीं हो पा रहे हैं और इनमे से बहुत से स्कूलों ने आरटीई की सीटे भी दिखाई हुई हैं इसमें स्कूलों के साथ ही कई जिला व ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की भी कमी रही है जो समय रहते स्कूलों को सूचना नहीं दे पाए।