चंडीगढ़, 14 मई। लॉकडाउन में भी निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस बढ़ाए जाने की सूचनाओं के चलते शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्कूल संचालकों से हलफिया बयान मांग लिया है। हरियाणा में जब से लॉकडाउन हुआ है तभी से निजी स्कूल संचालकों की फीस का मुद्दा गर्माया हुआ है। लंबे-चौड़े विवाद के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों को छूट दी थी कि वह ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने की एवज में विद्यार्थियों से केवल टयूशन फीस ही लें। सरकार द्वारा यह भी निर्देश जारी किए गए थे कि स्कूल संचालक ट्रांसपोर्ट फीस, लाइब्रेरी फीस व कंप्यूटर फीस आदि के नाम पर कुछ नहीं लेंगे।
इसके उलट हरियाणा के कई जिलों से इस बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्कूल संचालकों द्वारा ट्यूशन फीस बढ़ा दी गई है। स्कूल संचालक अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस देने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी यह यकीनी बनाएंगे कि उनके जिला में संचालित निजी स्कूलों द्वारा किसी तरह से फीस में वृद्धि नहीं की गई है। निदेशालय ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने जिला में कार्यरत निजी स्कूल संचालकों से इस संबंध में स्वैघोषणा प्रमाण पत्र लेकर निदेशालय को भेजें। इस बीच अगर कोई स्कूल संचालक आदेशों का उलंघन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी बल्कि मामला भी दर्ज करवाया जा सकता है।