चंडीगढ़। हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने के आठवें दिन भी उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। सरकार द्वारा पुलिस महानिदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने के बावजूद परिवार का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। जिसके चलते मंगलवार को आठवें दिन भी वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। अब हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपना लिया है। जिसके चलते सरकार ने संकेत दिए हैं कि अब सरकार की तरफ से परिवार को मनाने का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा।
वाई पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को आत्महत्या की थी। इसके बाद से लगातार गतिरोध बना हुआ है। हरियाणा सरकार की तरफ से अधिकारिक तौर पर मंगलवार को जानकारी दी गई कि पूरन कुमार ने जब आत्महत्या की तो मुख्यमंत्री नायब सैनी जापान दौरे पर थे। जापान दौरे से आते ही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने परिवार से मुलाकात करके निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया। इसके बाद रोहतक के एसपी को हटा दिया गया।
अब डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है। इस बीच चंडीगढ़ पुलिस पहले से दर्ज एफआईआर में कड़ी धाराओं को जोड़ चुकी है। सरकार द्वारा इस मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट जारी किए जाने से साफ है कि अब सरकार और नहीं झुकेगी और न ही बातचीत की जाएगी।
आईपीएस आत्महत्या मामला: आठवें दिन भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम, अब सरकार नहीं करेगी कोई बातचीत
हरियाणा सरकार द्वारा इस मामले में तैनात किए गए दो कैबिनेट मंत्री भी अब पूरन कुमार परिवार से बातचीत नहीं कर रहे हैं। इस उठापटक के बावजूद मंगलवार को भी परिवार ने वाई पूरन कुमार के शव की शिनाख्त नहीं की, जिसके चलते उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब चंडीगढ़ प्रशासन ने भी इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर मंथन शुरू कर दिया है।