चंडीगढ़। हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में अब केंद्र सरकार की एंट्री हो गई है। हरियाणा सरकार द्वारा इस प्रकरण के बाद से डैमेज कंट्रोल के लिए तैनात किए गए दो कैबिनेट मंत्रियों ने दो दिन से अमनीत पी कुमार के परिवार से बातचीत नहीं की है।
केंद्र सरकार ने राम दास अठावले को मैदान में उतारा
मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिले केंद्रीय मंत्री
अब सीनियर आईएएस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
वाई पूरन कुमार का परिवार अभी तक एक बार भी फ्रंट पर नहीं आया है लेकिन अमनीत के भाई एवं पंजाब के बठिंडा से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन कोटफत्ता इस प्रकरण की कमान संभाले हुए हैं।
अमनीत पी कुमार तथा उनके पारिवारिक सदस्यों का रुख देते हुए हरियाणा सरकार अब बातचीत से पीछे हट गई है। सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा कृष्ण बेदी को इस मामले में डैमेज कंट्रोल का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों मंत्री परिवार को मनाने में असफल रहे हैं। रविवार व सोमवार को मुख्यमंत्री की तरफ से कोई भी मंत्री अमनीत पी कुमार से मुलाकात के लिए नहीं पहुंचा।
इस बीच केंद्र सरकार ने राज्य मंत्री रामदास अठावले को मैदान में उतार दिया है। अठावले ने आज सुबह परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। इसके बाद फिर उन्होंने अमनीत से बातचीत की। इसके बावजूद गतिरोध बना हुआ है। उधर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अलावा वरिष्ठ आईएएस आर.एस. वुंड्रू ने भी अमनीत से मुलाकात की। इसके बाद दोनों अधिकारियों की गृह सचिव के साथ बैठक की। प्रदेश के आला अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर आज दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा।