गुरुग्राम। पटौदी-मंडी नगर परिषद क्षेत्र के मिलकपुर गांव के युवा समाजसेवी योगेश चौधरी ने हरियाणा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्हें देशभर के एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) स्वयंसेवकों में से चुने गए 30 युवाओं में स्थान मिला है और राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित माय भारत एनएसएस राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है।
पटौदी के योगेश चौधरी को राष्ट्रपति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया
यह सम्मान उन्हें राष्ट्र निर्माण, युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्त भारत अभियान में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। योगेश चौधरी को यह सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। योगेश ने अपनी समाजसेवा की यात्रा इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी में एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में शुरू की थी। पिछले आठ वर्षों में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, रक्त व अंगदान अभियान, महिला सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और कोविड-19 राहत कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे यूथ सोशलग्राम फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं — यह एक राष्ट्रीय युवा मंच है जो 18 राज्यों के 5,000 से अधिक युवाओं को एकजुट कर आत्मनिर्भर और नशा-मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में कार्यरत है।
योगेश के इस सम्मान से पूरे हरियाणा, विशेष रूप से पटौदी क्षेत्र में खुशी की लहर है। गांवों में तिरंगा यात्राएं आतिशबाज़ी और मिठाइयों का वितरण कर लोगों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर योगेश ने भावुक होकर कहा जब मैंने एनएसएस के माध्यम से समाजसेवा शुरू की थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे देश के सर्वोच्च पद से सम्मान मिलेगा। यह पुरस्कार मेरा नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं का है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखते हैं। युवा वर्ग और सामाजिक संगठनों ने योगेश चौधरी को रोल मॉडल और उभरते हुए युवा आइकॉन के रूप में सराहा है। उनकी सोच और नेतृत्व क्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है और यह सम्मान उनके अथक परिश्रम का प्रतीक है। योगेश 12 अक्टूबर को अपने गृह क्षेत्र लौटेंगे, जहां उनके सम्मान में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा।