पंचकूला। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उर्दू प्रकोष्ठ में मशहूर शायर टी. एन. राज़ के निधन पर एक शोक सभा की गईl अपने शोक संदेश में अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष, डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने टी.एन. राज़ के निधन पर गहरा शोक जताया। अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह ने कहा के टी. एन. राज़ के जाने से हरियाणा के उर्दू अदब में जो खालीपन पैदा हुआ है उसे भरना आसान नहीं है।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उर्दू प्रकोष्ठ में मशहूर शायर टी. एन. राज़ के निधन पर एक शोक सभा की गईl अपने शोक संदेश में अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष, डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने टी.एन. राज़ के निधन पर गहरा शोक जताया।
इस मौके पर निदेशक उर्दू प्रकोष्ठ डॉ. चंद्र त्रिखा ने कहा कि टी. एन. राज़ हरियाणा के हास्य व्यंग्य के शायर थे जिन्होंने शायरी और ट्रांसलेशन की कई किताबें लिखीं l अकादमी ने उनको अवॉर्ड देकर सम्मानित भी किया था। मैं समझता हूं कि उन के निधन से उर्दू साहित्य का जो नुकसान हुआ है वो कभी पूरा नहीं हो सकता। वो अपनी किताबों के हवाले से हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
शायर शम्स तबरेज़ी ने कहा के टी. एन. राज़ ने पूरी ज़िन्दगी उर्दू अदब की ख़िदमत की है। उनके कामों को भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. जतिन्दर परवाज़ ने कहा के टी.एन. राज़ ने मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी पर जो काम किया है उसने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई है। इस मौके पर एस. ए. हन्नान, डॉ. विजेंदर कुमार, प्रदीप कुमार वशिष्ठ और ओम प्रकाश सिंह ने भी राज़ साहिब को याद किया और अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
आर. के. तनेजा आई.एस. (रिटायर्ड) ने भी अपने संदेश में कहा कि "मैं टी. एन. राज़ साहिब का प्रशंसक रहा हूं। मैने उनकी लगभग सभी किताबें पढ़ी हैं। वो हमारे दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।" शोक सभा के अंत में दो मिनट का 'मौन' रख कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।