चंडीगढ़। भारत ने विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसी हरित विकास मॉडल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री 7 से 10 अक्टूबर तक जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक जोकि दक्षिणी अफ्रीका मंठ आयोजित हो रही है,उसमें हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को पहुंच गए। बैठक का आयोजन दक्षिण अफ्रीका के डर्बन शहर में हो रहा है, जिसमें जी-20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
वैश्विक मंच पर भारत की ऊर्जा क्रांति मॉडल पेश करेंगे मनोहर लाल
दक्षिण अफ्रीका में जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे
डर्बन शहर में 10 अक्टूबर तक होगी जी-20 देशों की मंत्री स्तरीय बैठक
बैठक में विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के ऊर्जा मंत्री एक साथ बैठकर ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ईंधन, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्धता तथा सतत औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों पर मंथन करेंगे। भारत की ओर से ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल द्वारा ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ खाना पकाने की सुविधा, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा तक पहुंच" और "सतत औद्योगिक विकास" जैसे विषयों पर आयोजित सत्रों में भारत का मॉडल प्रस्तुत करेंगे। भारत ने हाल ही में अपनी कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा है, यह उपलब्धि, न केवल भारत बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है।
बैठक के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सस्ती, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के भारत के सफल अनुभवों को भी साझा करेंगे।