संजय मिश्रा
पंचकूला, हरियाणवी म्यूज़िक इंडस्ट्री के सुपरस्टार मासूम शर्मा आज पंचकूला पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से खास बातचीत में हरियाणवी सॉन्ग कल्चर, सिनेमा इंडस्ट्री और अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स पर खुलकर बात की। मासूम शर्मा ने कहा कि आज हरियाणा का सॉन्ग कल्चर बहुत तेजी से ग्रो कर रहा है और देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि हर कलाकार की मेहनत और लगन की वजह से आज हरियाणवी गानों ने बड़े स्तर पर पहचान हासिल की है। उनके मुताबिक अब समय आ गया है कि हरियाणवी सिनेमा को भी वैसा ही बूस्ट मिले जैसा गानों को मिला है।
हरियाणवी स्टार मासूम शर्मा बोले, हरियाणा का सॉन्ग कल्चर अब देशभर में गूंज रहा है, दिसंबर में आएगी नई फिल्म
बैन गानों को लेकर पूछे गए सवाल पर मासूम शर्मा ने कहा — “जो भी पहले कुछ हुआ, मैं नहीं मानता कि उसमें पूरी सरकार की गलती थी। कुछ अधिकारी और अफसर हर जगह टांग खींचने के लिए होते हैं, सब एक समान अच्छे नहीं होते।” उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में सुधार की जरूरत है लेकिन इसके लिए कलाकारों और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा। बिग बॉस में जाने की अटकलों पर मुस्कुराते हुए मासूम शर्मा ने कहा — “मैं घूमने-फिरने वाला आदमी हूं, किसी बंधन में नहीं रह सकता।” उन्होंने साफ किया कि फिलहाल बिग बॉस में जाने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि उनका पूरा फोकस अपने म्यूज़िक और फिल्मों पर है।
उन्होंने बताया कि दिसंबर तक उनकी नई फिल्म रिलीज़ होने जा रही है, जिसमें हरियाणवी कल्चर के साथ-साथ पंजाबी और हिंदी कल्चर का भी तड़का होगा। मासूम शर्मा ने कहा — “हमारी फिल्म का टारगेट सिर्फ हरियाणवी दर्शक नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लोग हैं। हरियाणवी, पंजाबी और हिंदी कल्चर को मिलाकर यह फिल्म बनाई गई है ताकि लोग हमारे कल्चर से और करीब से जुड़ सकें।”
सिनेमा के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणवी गानों ने देशभर में जगह बनाई है, वैसे ही आने वाले समय में हरियाणवी फिल्में भी बड़े पर्दे पर धमाल मचाएंगी। उन्होंने कहा — “अगर कोई कलाकार बॉलीवुड में चला भी जाता है, तो उसका वापस आना मुश्किल होता है, क्योंकि हर कोई अपने कल्चर का बीड़ा उठाने की नहीं सोचता। मैं चाहता हूं कि हरियाणा का कलाकार अपने कल्चर से जुड़ा रहे।”
अंत में मासूम शर्मा ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ गाना गाना नहीं, बल्कि हरियाणा की मिट्टी की खुशबू को पूरे देश में फैलाना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी भाषा, संस्कृति और कला पर गर्व करें और अपनी पहचान को बनाए रखें।