चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रविवार से जापान दौरे पर रवाना होगा। नायब सैनी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा है। इस दौरे का मुख्य उद्देय हरियाणा में पहले से चल रही जापानी कंपनियों को विस्तार के प्रोत्साहित करना तथा नए पूंजी निवेश को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री की अगुवाई वाला यह शिष्टमंडल 8 अक्टूबर तक विदेश दौरे पर रहेगा। हालांकि पहले मुख्यमंत्री का यह दौरा 11 अक्टूबर तक था लेकिन शनिवार की शाम इसमें बदलाव करके छोटा कर दिया गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री का जापान दौरा आज से
8 अक्टूबर तक जापानी निवेशकों के साथ करेंगे बैठक
मनोहर लाल ने किया था इंडिया-जापान फास्ट ट्रैक मैकेनिज़म का गठन
प्रदेश में पहले से चल रही हैं करीब 600 जापानी कंपनियां
1980 के दशक में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मारुति की स्थापना के बाद से गुरुग्राम औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस क्षेत्र में ऑटो के सहायक कलपुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और साइबर सिटी जैसे उद्योगों ने तेजी से वृद्धि की है। वर्तमान में जापान अपने कुल निवेश का लगभग एक तिहाई हिस्सा हरियाणा में निवेश कर रहा है।
सिर्फ गुरुग्राम में 600 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय हैं, जो राज्य में रोजगार और तकनीकी विकास का बड़ा स्रोत हैं। वर्ष 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जापान दौरे के बाद इंडिया-जापान फास्ट ट्रैक मैकेनिज़म का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य जापानी निवेशकों के लिए भारत और हरियाणा को निवेश के लिए और अधिक सुगम और आकर्षक बनाना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2025-26 के बजट में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की थी, जिनमें से पांच को पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। आने वाले पांच वर्षों में इन सभी औद्योगिक मॉडल टाउनशिप को तेजी से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। हरियाणा सरकार की योजना है कि प्रदेश में एक मॉडल टाउनशिप विशेष रूप से जापानी निवेशकों के सहयोग से विकसित की जाए। इसी उद्देश्य के साथ मुख्यमंत्री जापान यात्रा पर जा रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री जापानी निवेशकों से मुलाकात करेंगे और हरियाणा में निवेश के विभिन्न अवसरों को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वे जापान में आयोजित वैश्विक निवेशक प्रदर्शनी में हरियाणा पंडाल का दौरा करेंगे, जिससे निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा सके।