चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए इसे किसानों के लिए ‘दिवाली का तोहफा’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, घरेलू खपत और देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को भी मजबूत करेगा।
राणा ने कहा कि हाल ही में अमेरिका द्वारा भारतीय कृषि निर्यात पर लगाए गए टैरिफ जैसे वैश्विक दबावों के बीच यह कदम बेहद जरूरी और समयानुकूल है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों को बेहतर दाम दिलाने के साथ-साथ भारत की आत्मनिर्भरता को भी नई ताकत देगा।
एमएसपी बढ़ोतरी, किसानों के लिए ‘बड़ी दिवाली सौगात: राणा
कहा कि केंद्रीय सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में किया रिकॉर्ड इजाफा
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं में 160, जौ में 170, चना में 225, मसूर में 300, सरसों/तोरी में 250 और सूरजमुखी में सबसे ज्यादा 600 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी में इजाफा किया है। राणा ने बताया कि इन दामों की गणना में बीज, खाद, श्रम, परिवारजन की मेहनत और परिवहन सभी खर्च शामिल किए गए हैं। इसके बाद भी किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह केवल दामों की बढ़ोतरी नहीं बल्कि ग्रामीण भारत के लिए वित्तीय बढ़ावा है। इससे किसान अपने परिवार, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और छोटे कारोबारों पर अधिक खर्च कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उच्च आय का मतलब है गांवों में निवेश, नई तकनीक में नवाचार और अर्थव्यवस्था की मजबूती।
राणा ने एमएसपी बढ़ोतरी को किसानों के लिए "भव्य दिवाली उपहार" बताया। उन्होंने कहा कि इस बार रोशनी का त्योहार किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता का उत्सव भी बनेगा। यह उदाहरण है कि अच्छी नीतियां कैसे किसानों, अर्थव्यवस्था और पूरे राष्ट्र के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।