अंबाला। गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाना अंबाला छावनी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को महज बारह घंटे के भीतर अंबाला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान राजकुमार, निवासी बिहार, के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस उपलब्धि के लिए पुलिस अधीक्षक (रेलवे) नीतिका गहलोत ने इंस्पेक्टर हरीश बुधिराज तथा उनकी टीम को बधाई दी औैर भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
जीआरपी अंबाला छावनी की त्वरित कार्रवाई,नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 12 घंटे में दबोचा
मामला कैसे शुरू हुआ
इस प्रकरण की शुरुआत पंजाब के राजपुरा से हुई, जहां बिहार जाने की तैयारी कर रहे एक परिवार के साथ आरोपी ने मेलजोल बढ़ाकर विश्वास कायम किया। वह पेशे से राजमिस्त्री था और लंबे समय से पंजाब में रह रहा था। उसने पीड़िता के पिता को टिकट लेने के बहाने स्टेशन से बाहर ले जाकर शराब पिला दी और उन्हें नशे की हालत में छोड़ दिया। इसके बाद टिकट काउंटर की लंबी लाइन का बहाना बनाकर आरोपी नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गया और राजपुरा ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़िता के पिता को होश आया और बेटी की गैरमौजूदगी का पता चला, तो उन्होंने तुरंत जीआरपी अंबाला छावनी को शिकायत दी।
’पुलिस की चुनौती और रणनीति’
शिकायत मिलते ही जीआरपी की टीम हरकत में आई। परिवार के पास बच्ची की तस्वीर न होने के कारण शुरुआती जांच चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों की गहन निगरानी की गई और अगले ही दिन तड़के आरोपी को अंबाला रेलवे स्टेशन पर देखा गया, जो बिहार भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की सतर्कता ने काम किया और टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया और उसका मेडिकल परीक्षण अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में कराया। बच्ची की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसकी काउंसलिंग भी शुरू कर दी गई है ताकि उसे मनोवैज्ञानिक सहयोग मिल सके।
’ कानूनी कार्रवाई’
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) नीतिका गहलोत के दिशा-निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ संभाला। आरोपी को पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए और उन्हें न्याय दिलाने में कोई कमी न रहे।
’समाज और प्रशासन की प्रतिक्रिया’
जीआरपी अंबाला छावनी की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। यह पुलिस की सजगता और समर्पण का प्रतीक है, जो समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों, विशेषकर नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जीआरपी ने जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को रेलवे स्टेशनों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अकेला न छोड़ें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।