Monday, 19 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

हरियाणा

बीजेपी सरकार कपास किसानों को बर्बाद कर विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है– दीपेन्द्र हुड्डा

Updated on Tuesday, September 23, 2025 18:42 PM IST

 

 

चंडीगढ़। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने विदेशी कपास पर 11% आयात शुल्क खत्म करके भारतीय किसानों की पीठ में छुरा मारने जैसा फैसला किया है। कपास की खेती वाले इलाकों में किसान मज़दूरी, मंडी कारोबार और वस्त्र उद्योग से जुड़े लाखों परिवार इस फैसले से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। किसान पहले ही महंगी खाद-बीज-डीज़ल और लगातार गिरती फसल पैदावार से परेशान हैं। अब सरकार ने उनकी आखिरी उम्मीद भी छीन ली है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया है, बजाय जवाबी कार्रवाई करने के बीजेपी सरकार ने 11% आयात शुल्क को ख़त्म करके अमेरिका और विदेशी कंपनियों को खुश करने के लिए भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात किया है। स्वदेशी का नारा लगाने वाली बीजेपी सरकार किसानों की नहीं, बल्कि बड़े पूंजीपतियों और विदेशी कंपनियों की जेब भरने के लिए काम कर रही है। उन्होंने मांग करी कि विदेशी कपास पर 11% इम्पोर्ट ड्यूटी वापस बहाल की जाए। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को घरेलू कपास खरीदने के लिए बाध्यकारी नीति बनाई जाए। हरियाणा, पंजाब समेत सभी राज्यों के कपास किसानों को MSP गारंटी मिले, सरकारी खरीद हो।

स्वदेशी का नारा लगाने वाली बीजेपी सरकार कपास किसानों को बर्बाद कर विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है– दीपेन्द्र हुड्डा
विदेशी कपास पर 11% इम्पोर्ट ड्यूटी वापस बहाल की जाए – दीपेन्द्र हुड्डा

टेक्सटाइल इंडस्ट्री को घरेलू कपास खरीदने के लिए बाध्यकारी नीति बनाई जाए– दीपेन्द्र हुड्डा

हरियाणा, पंजाब समेत सभी राज्यों के कपास किसानों MSP गारंटी मिले, सरकारी खरीद हो – दीपेन्द्र हुड्डा

50% अमेरिकी ‘टैरिफ' का मुंहतोड़ जवाब देने की बजाय कमजोर बीजेपी सरकार ने कपास पर 11% इम्पोर्ट ड्यूटी खत्म कर अमेरिका के आगे घुटने टेके – दीपेन्द्र हुड्डा

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार कपास किसानों को बर्बाद करके बीजेपी विदेशी कंपनियों और अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुँचाना चाहती है। विदेशी कपास के सस्ते होने से भारतीय कपास की कीमतें गिरेंगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पाएगा। दीपेन्द्र हुड्डा ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस साल कपास का रकबा 127.67 लाख हेक्टेयर है जो पिछले साल से 6.62 लाख हेक्टेयर अधिक है। किसान अच्छे दाम मिलने की उम्मीद लिए अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंचा लेकिन इम्पोर्ट ड्यूटी खत्म करने के फैसले से मंडियों में कपास का भाव गिर गया और सरकारी खरीद नहीं होने के चलते किसानों को MSP से करीब ₹2000 कम रेट पर अपनी कपास बेचनी पड़ रही है, बिचौलिए किसानों से मनमानी लूट कर रहे हैं।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा का टेक्सटाइल उद्योग 50% से अधिक ‘टैरिफ' की मार से पहले ही 'निर्यात बंदी' के चलते आर्थिक बर्बादी की कगार पर है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा कपास पर आयात टैरिफ खत्म करने का फैसला विदेशी कंपनियों और उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने वाला साबित हो रहा है। यह निर्णय हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देशभर के कपास उत्पादक किसानों के लिए विनाशकारी साबित होगा। हरियाणा में लगभग 6.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर कपास की खेती होती है और लगभग 20–22 लाख गाठें (bales) सालाना उत्पादन होता है। आयात शुल्क खत्म होने से विदेशी कपास की लागत घरेलू कपास से ₹5,000–7,000 प्रति कैंडी कम होगी। इसका सीधा असर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के किसानों पर पड़ेगा, जहाँ पहले से ही फसल का भाव MSP से नीचे गिर गई है। इस बार केंद्र सरकार ने लंबे रेशे वाले कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8110 प्रति क्विंटल तय किया है। जबकि वास्तविक लागत (C2+50% सूत्र) के हिसाब से यह करीब ₹10,075 प्रति क्विंटल होनी चाहिए। यानी अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य हर किसान को मिल भी जाए तो भी औसतन ₹1,965 प्रति क्विंटल का घाटा उठाना पड़ेगा। अब केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा आयात शुल्क खत्म करने से यह घाटा और गहराएगा। 

Have something to say? Post your comment
23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा तीसरा सूरजकुंड दिवाली मेला

: 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा तीसरा सूरजकुंड दिवाली मेला

हरियाणा सरकार ने मांगा रेगुलराइजेशन पाॅलिसी के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का ब्यौरा

: हरियाणा सरकार ने मांगा रेगुलराइजेशन पाॅलिसी के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का ब्यौरा

नवोदय स्कूल में 9वीं व 11वीं में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि बढ़ी

: नवोदय स्कूल में 9वीं व 11वीं में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि बढ़ी

मत्स्य पालकों और झींगा पालकों की हुई बल्ले बल्ले

: मत्स्य पालकों और झींगा पालकों की हुई बल्ले बल्ले

स्वीडिश सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया हाउस में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी से की भेंट

: स्वीडिश सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया हाउस में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी से की भेंट

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे में 4000 करोड़ रुपये के एलओआई साइन*

: *मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे में 4000 करोड़ रुपये के एलओआई साइन*

एनआईए समर्पण भाव से जन-जन तक पहुंचा रहा है आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं : प्रो. सतीश गंधर्व

: एनआईए समर्पण भाव से जन-जन तक पहुंचा रहा है आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं : प्रो. सतीश गंधर्व

गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़

: गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़

 डीजीपी अजय सिंघल के जन्मदिन पर माता मनसा देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन

:  डीजीपी अजय सिंघल के जन्मदिन पर माता मनसा देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन

एसआईआर पर विपक्ष के भ्रामक प्रचार का तथ्यों से जवाब देगी भाजपा: डॉ. अर्चना गुप्ता

: एसआईआर पर विपक्ष के भ्रामक प्रचार का तथ्यों से जवाब देगी भाजपा: डॉ. अर्चना गुप्ता

X