चंडीगढ़, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी सरकार ने एक बार फिर किसानों के साथ योजनाबद्ध लूट शुरू कर दी है। मंडियों में धान, बाजारा और कपास की आवक शुरू हो गई है। लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने के चलते किसानों को MSP से 300-400 कम रेट पर धान, 800-1000 कम रेट पर बाजरा और करीब ₹2000 कम रेट पर अपनी कपास बेचनी पड़ रही है। बाढ़ की मार के बाद अब किसान सरकार की मार झेलने को मजबूर हैं।
मंडियों में धान, बाजारा और कपास के किसानों से हो रही लूट- हुड्डा
एमएसपी, खाद और मुआवजे के लिए तरस रहे हैं किसान- हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि खरीद से लेकर मुआवजा और खाद देने तक, हर काम में बीजेपी जानबूझकर देरी करती है। किसान कई दिन से बाढ़ और जलभराव से पीड़ित है और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। अब तक 5 लाख से ज्यादा किसानों ने 31 लाख एकड़ भूमि पर खराबे की शिकायत करी है। लेकिन सरकार द्वारा गिरदावरी और वेरिफिकेशन का काम कछुए की रफ्तार से किया जा रहा है। 31 लाख एकड़ में से अब तक सिर्फ 3 लाख एकड़ भूमि का ही वेरिफिकेशन हो पाया है।
यानी पिछले कई सीजन की तरह इस बार भी सरकार की मंशा किसानों को मुआवजे से वंचित करने की है। सरकार ने अब रबी की बिजाई पर भी संकट खड़ा कर दिया है। क्योंकि किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा है। एकबार फिर कई-कई घंटे, कई-कई दिनों लंबी कतारों में परिवार समेत किसान खड़े हुए हैं। लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। क्योंकि जरुरत के मुकाबले सिर्फ 22% खाद ही मुहैया हो पाई है। हुड्डा ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, किसान इसी तरह एक-एक बैग खाद के लिए तरस रहे हैं। हर बार सरकार द्वारा थानों या पुलिस की निगरानी में खाद बंटवाई जाती है। यह किसानों के साथ घोर अन्याय और उनका अपमान है।