भिवानी, इंग्लैंड के लिवरपूल में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली मुक्केबाज पूजा बोहरा बुधवार को भिवानी पहुंची. यहां पहुंचने पर पूजा बोहरा का भव्य स्वागत किया गया। पूजा के परिजनों ने चैंपियन का मुंह मीठा कराया। वहीं, मां बेटी की सफलता पर भावुक हो गई।
भिवानी पहुंचने पर पूजा बोहरा ने मीडिया से बातचीत की. बॉक्सर पूजा ने बताया कि, इस प्रतियोगिता में सभी देशों से चुने गए सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर हिस्सा लेते हैं। भारत से भी चुनिंदा खिलाड़ी ही चयनित होते हैं। मेरा पहला मुकाबला पोलैंड की खिलाड़ी से हुआ था। पहले राउंड में मैं पीछे चल रही थीं, लेकिन दूसरे राउंड में मैंने जबरदस्त वापसी की और 5-0 की बढ़त हासिल की। तीसरे राउंड में मैच जीतकर मैंने सेमीफाइनल में एंट्री ली। फाइनली मैंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। बॉक्सर पूजा बोहरा ने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बताया कि नवंबर में भारत में होने वाले विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की तैयारी कर रही हूं। इसके बाद मेरी निगाहें कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने पर टिकी हैं।
ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली मुक्केबाज पूजा बोहरा पहुंची भिवानी
-ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत, बेटी की सफलता पर भावुक हुई मां
अपनी शुरुआत के बारे में पूजा बोहरा ने बताया कि बॉक्सिंग की शुरुआत मैंने साल 2009 में की थी। मेरे कोच की पत्नी ने मुझे बॉक्सिंग के लिए प्रेरित किया। यही प्रेरणा मेरे करियर की नींव बनी। पूजा बोहरा ने भारत के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के चार खिलाडिय़ों ने मेडल जीते, जिनमें से सभी चार खिलाड़ी हरियाणा से हैं और तीन खिलाड़ी भिवानी से हैं। हरियाणा की मिट्टी में कुछ खास बात है, जो इतने बेहतरीन खिलाड़ी निकल रहे हैं। बॉक्सर पूजा ने युवाओं, खासकर लड़कियों को खास मैसेज दिया। पूजा ने कहा कि किसी भी खेल में सफल होने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी है।अगर किसी खेल में करियर बनाना है तो एक अच्छा मेंटर होना बहुत जरूरी है।