चंडीगढ, हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा ने कहा है कि भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मजबूती प्रदान करने में गीतास्थली कुरूक्षेत्र की अहम भूमिका रहेगी। कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भगवान श्रीकृष्ण के गीता संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया भर में चल रहे संघर्षों के समाधान में गीता की अहम भूमिका है। भारत इसके लिए वैश्विक समुदाय को जागरूक करने की हरसंभव कोशिश कर रहा है, जिसमें बाली में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव प्रकाश पुंज की भांति योगदान देगा।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मजबूती प्रदान करेगी गीतास्थली कुरूक्षेत्रः डाॅ अरविंद शर्मा
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का बाली में हुआ आगाज
इंडोनेशियाई मूल के नागरिक कुरूक्षेत्र में चाहते हैं जमीन, मुख्यमंत्री सैनी से होगी चर्चा
21वीं सदी में दुनिया के संघर्षों के समाधान में गीता की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड, जियो गीता के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुक्रवार को इंडोनेशिया के बाली में आगाज हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधि के तौर पर विरासत व पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं। शुक्रवार को बाली के ऐतिहासिक क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि परिषद में प्रांतीय विधायिका द्वारा कैबिनेट मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंहल सहित सभी प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत किया और उन्होंने सदन में पवित्र गीता को सदन प्रतिस्थापित किया। सदन में मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए विरासत व पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अमर गीता संदेश को वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की परंपरा को शुरू किया गया था, जिसे आज वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की हरियाणा सरकार गीता ज्ञानानम संस्थानम व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के मार्गदर्शन में आगे बढा रही है। भारत-इंडोनेशिया के मध्य भले ही 90 नाटिकल मील की दूरी हो, लेकिन दोनों देशों के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंध सदियों से प्रगाढ रहे हैं। भारतीय महाकाव्य रामायण, महाभारत के प्रभाव और संस्कृत भाषा के उपयोग से दोनों देशों की घनिष्ठता दुनिया के सामने एक विशिष्ट उदाहरण पेश करती है।
विरासत व पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि गीता के संदेश को यदि विश्व के सारे लोग समझ लें तो फिर सारे झगडे ही मिट जाएं और संसार एक परिवार के तौर पर एकजुटता व भाईचारे के सूत्र में बंध जाए। गीता निर्बल को बलवान, असहाय को मजबूत, हारे हुए को हिम्मत और शक्ति देने वाला अमर ग्रंथ है। विभिन्न देशों के प्रबुद्धजनों ने भी इसे स्वीकार किया है कि दुनिया की 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद्भगवद गीता में है। उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्रे कुरूक्षेत्रे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वदेश दर्शन योजना के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सरकार महापर्यटक स्थल के तौर पर विकसित कर रही है। हरियाणा कृष्णा सर्किट की पहचान करते हुए 175 करोड रूपए की लागत से महाभारत युद्ध से जुडे 134 स्थानों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुरूक्षेत्र में महाभारत अनुभव केंद्र का निर्माण 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जहां महाभारत से जुडे हर पहलू को नजदीकी से महसूस करवाया जाएगा, ताकि पूरी दुनिया सरल तरीके से गीता ज्ञान को समझते हुए आत्मसात कर सके। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता अपने आप मे सम्पूर्ण ग्रन्थ है, क्योंकि जो कुरुक्षेत्र की धरती पर भगवान कृष्ण जी ने कहा वो ज्यों का त्यों इसमें है और सम्पूर्ण है। उन्होंने कहा कि गीता प्रकाशपुंज की भांति है, जिस प्रकार महासागर में तूफान, अंधेरे के मध्य लाइट हाउस जहाज को दिशा दिखाता है, उसी प्रकार गीता मानव जीवन में किसी भी विकट परिस्थिति के मध्य सकारात्मक दृष्टिकोण, धैर्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
बाली की प्रांतीय विधायिका द्वारा प्रस्ताव रखा गया कि ऐतिहासिक कुरूक्षेत्र की धरती पर उन्हें जमीन उपलब्ध करवाई जाए, जिससे इंडोनेशिया मूल के नागरिक इस तपोभूमि से सीधा जुडाव हासिल कर सकें। इसके लिए पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा ने भरोसा दिलाया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चर्चा करते हुए बाली के जनप्रतिनिधियों की भावना से अवगत करवाते हुए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, विदेश मंत्रालय सचिव (दक्षिण) डाॅ नीना मल्होत्रा, भारत के महावाणिज्य दूत, बाली डाॅ शशांक विक्रम, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंहल, केडीबी सीईओ पंकज सेतिया, 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, विदेश मंत्रालय संयुक्त सचिव अंजु रंजन, केडीबी सदस्य डाॅ एमके मुदिग्ल, बाली राज्य सदन के वाइस चेयरमैन नोवा सेवीपुत्रा, बाली राज्य सदन के हेड कमीशन न्योमन बुदिउतामा, डाॅ मेड सुर्पाथा, करनाल महापौर रेणु बाला गुप्ता, डाॅ सोमबीर आदि उपस्थित रहे।