चंडीगढ़, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में आई बाढ़ से प्रभावित किसानों के हालात पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर नकारेपन और कागज़ी मुआवजे का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी किसानों की पीड़ा को समझने में विफल रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा के 5,860 गांवों के 3.41 लाख किसानों की 20 लाख एकड़ से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि लाखों किसान अब कर्ज़ के बोझ तले दब गए हैं। किसानों को राहत देने के बजाय सरकार महज़ दिखावटी घोषणाओं से काम चला रही है। कांग्रेस नेता ने सरकार द्वारा घोषित 7,000 प्रति एकड़ मुआवजा को मजाक करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि किसानों की शुरुआती लागत ही 25,000 से 30,000 प्रति एकड़ आती है, जबकि कई जगह सालाना पट्टा 70,000 प्रति एकड़ तक देना पड़ता है। ऐसे में 7,000 का मुआवजा किसानों के साथ सरासर अन्याय और हरियाणा की खेती-किसानी को चौपट करने वाली भाजपाई नीति है।
नायब सिंह सैनी किसानों की पीड़ा को समझने में विफल रहे: रणदीप सिंह सुरजेवाला
सुरजेवाला ने भूमिहीन किसानों की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि जो किसान बंटाई पर खेती करते हैं और ब्याज पर पैसे लेकर बीज-बोआई करते हैं, उनके सामने अब ‘दोहरे कर्ज़’ का संकट खड़ा हो गया है। यह स्थिति उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आपदा राहत पैकेज पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, ऐसे वक्त में किसानों को विशेष राहत पैकेज और उचित मुआवजा मिलना चाहिए, मगर डबल इंजन सरकार ने उन्हें धोखे और अपमान के अलावा कुछ नहीं दिया। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसानों को जल्द राहत और न्याय नहीं मिला तो यह संकट राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि दोनों को गहरा झटका देगा।