पंचकूला 11 मई- पशु पालन विभाग द्वारा पशुओं को मुहंखुर व गलघोटू से बचाव के लिये चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिला की 12 गौलाशाओं के साथ किसानों के 52310 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इस टिकाकरण अभियान में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की 25 टीमें कार्य कर रही है जो लगातार 22 मई तक जिला के सभी पशुओं का टिकाकरण करने का कार्य करेंगी।
उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए पशु पालन विभाग के चिकित्सकों की टीमें मास्क व सेनिटाईजर का प्रयोग करते हुए पशुओं का इलाज टीकाकरण के माध्यम से कर रहे है। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में आने के बाद विभाग के अधिकारियों को आवरा पशुओं का टीकाकरण करने के निर्देश दिये गये है। इसके लिये चिकित्सकों की अलग से टीमें बनाई गई है जो विशेषकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घुमने वाले आवारा पशुओं का टीकाकरण कर रहे है।
उपायुक्त ने बताया कि टीकाकरण अभियान के 28वें दौर में प्रत्येक पशु को संक्रमण से रोकने का पुरजोर कार्य किया जा रहा है, जिस प्रकार मानव जीवन को बचाने के लिये सक्रिय कार्य कर रहे है उसी तरह पशु हमारी जैव विविधता को भी संरक्षित करने का कार्य विभागीय चिकित्सकों की टीमें कर रही है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान में दुग्ध उत्पादक पशुओं पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुहंखुर व गलघोंटु की बीमारी से पशुओं की रोग प्रतिरोध क्षमता कम होती है और दुग्ध उत्पादक क्षमता पर भी बड़ा असर पड़ता है।
उपायुक्त ने जिला के पशु पालकों से अनुरोध किया है कि वे चार माह से ज्यादा आयु के गाय, भैंस व अन्य पालतु पशुओं को इन रोगों से बचाव केलिये अवश्य टीकाकरण करवायें। मुहंखुर व गलघोंटु बीमारी से बचाव केलिये केवल एक ही टीका लगाया जाता है।