चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ खिलाडिय़ों ने ओलंपिक 2036 की तैयारियों को नई दिशा देने के लिए सरकार के सामने प्रत्येक अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में खेल अकादमी स्थापित की जाए, ताकि वहां से नई पीढ़ी के खिलाड़ी तैयार हों और हरियाणा 2036 ओलंपिक में ‘मिशन 36 मेडल’ का लक्ष्य हासिल कर सके। मंगलवार को चंडीगढ़ में बॉक्सर विजेंद्र बैनीवाल के नेतृत्व में सीनियर खिलाडिय़ों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। बैठक में ओलंपियन बॉक्सर अखिल कुमार, जयभगवान और पूर्व हॉकी कप्तान सरदारा सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया भी चर्चा में शामिल हुए। खिलाडिय़ों ने मुख्यमंत्री को अपने विजन से अवगत कराते हुए कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक गेम्स की मेजबानी करेगा और यह हरियाणा के लिए सुनहरा अवसर है कि वह अपनी पहचान खेलों की नर्सरी के रूप में और मजबूत करे।
हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में बने खेल अकादमी
विजेंद्र के नेतृत्व में सीनियर खिलाडिय़ों ने सीएम से की मुलाकात
ओलंपिक-2036 के ‘मिशन-36’ मेडल पर भी हुई चर्चा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बॉक्सर विजेंद्र ने कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक गेम्स होस्ट करेगा। ऐसे में यह जरूरी है कि हरियाणा अभी से मिशन मोड पर तैयारी शुरू करे। अगर हमें ज्यादा से ज्यादा मेडल दिलाने हैं तो खिलाडिय़ों को जमीनी स्तर पर तैयार करना होगा। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री को सुझाव दिया गया है कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में खेल अकादमी खोली जाए।
खिलाडिय़ों का मानना है कि खेल अकादमी उसी खेल से जुड़ी होनी चाहिए, जिसमें संबंधित खिलाड़ी को अर्जुन अवार्ड मिला है। अगर कोई बॉक्सर अर्जुन अवार्डी है, तो उसके गांव में बॉक्सिंग अकादमी बनेगी। इसमें स्थानीय बच्चों को प्रशिक्षण मिलेगा और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के लिए तैयार होंगे। खिलाडिय़ों ने कहा कि इस मॉडल से न केवल गांव और आसपास के युवाओं को सीधा फायदा होगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खिलाडिय़ों के इस प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिशन 36 मेडल को लेकर पहले से ही काम कर रही है और खिलाडिय़ों के सुझाव इस दिशा में और मजबूती देंगे। सीएम ने भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।