सुरेन्द्र कुमार
भिवानी, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौ. धर्मबीर सिंह के पैतृक गांव तालु और सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के हल्के के गांव सागवन में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे निपटने में सरकार और प्रशासन दोनों ही पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही इस समस्या का समाधान करने का जिम्मा उठाया है। ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने बताया कि भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र सांसद चौ. धर्मबीर सिंह के पैतृक गांव तालु में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इस समस्या से निपटने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं ही मोर्चा संभाला है। जोगेंद्र तालु ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने पर गांव वालों ने अपने निजी खर्च पर एक दो हजार फुट लंबा बांध बनाया है। पानी की निकासी के लिए दर्जनों ट्रैक्टर लगाकर लगातार काम किया जा रहा है।
सांसद के पैतृक गांव तालु व सिंचाई मंत्री के हल्के के गांव सागवन में जलभराव
सांसद के गांव में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर किया पानी निकासी का प्रबंध- जोगेंद्र तालु
सिंचाई मंत्री के हल्के के गांव सांगवन में सैंकड़ों ट्रैक्टर ने किया टूटी ड्रेन को बंद
तालु ने कहा कि यदि सरकार समय पर कदम उठाती तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती और ना ही अपनी जेब से इतना खर्च करना पड़ता। जोगेंद्र तालु व मा. मनेंद्र बागनवाला ने कहा कि सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के हल्के के गांव सागवान में भी जलभराव की स्थिति ने ग्रामीणों को परेशान कर रखा है। यहां एक ड्रेन टूट गई थी, जिससे खेतों और घरों में पानी भर गया। प्रशासन की मदद का इंतजार करते-करते थक चुके सागवन और आस-पास के गांवों के ग्रामीणों ने सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर खुद ही इस समस्या का समाधान करने का फैसला किया। उन्होंने सैकड़ों ट्रैक्टरों की मदद से टूटी हुई ड्रेन को बंद करने का काम किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई मंत्री के हल्के का गांव होने के बावजूद प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। जोगेंद्र तालु ने सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जलभराव की निकासी के प्रबंध करने में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार और प्रशासन किसानों की मदद के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वास्तविक संकट के समय वे पूरी तरह से गायब हो जाते हैं। ग्रामीणों के ये प्रयास सरकारी तंत्र की अक्षमता को भी उजागर करता है।