करनाल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण का करनाल के एक निजी होटल में घरौंडा विधानसभा के पूर्व सरपंचों ने फूल मालाओं से शानदार स्वागत किया। पूर्व सरपंचों ने घरौंडा विधायक को विधानसभा अध्यक्ष पद से नवाजने के लिए जहां सरकार का आभार जताया वहीं इस बात पर खुशी जताई कि बरसों बाद घरौंडा को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में जो गरिमामयी पद मिला है, उसके लिए वे सरकार के आभारी हैं।
पिछड़ा कहे जाना वाला घरौंडा विकास की नई राहों पर अग्रसर : हरविन्द्र कल्याण
कल्याण बोले- प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन, विभाग व मैन पावर पूरी तरह अलर्ट
मौके पर पूर्व सरपंचों की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया गया, इससे पहले पूर्व सरपंचों ने पिछले दस साल में घरौंडा में हुए विकास कार्यो के लिए अपने क्षेत्र के विधायक व विधानसभा स्पीकर कल्याण का आभार जताया। मौके पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि पिछले दस वर्षों मे घरौंडा में बड़ी परियोजनाएं आई हैं, तरक्की की नई राहें खुली हैं, योजनाबद्ध तरीके से काम करवाए गए, दस वर्ष पहले जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली तो 50 से 80 प्रतिशत गांव कच्चे थे, लेकिन आज सबसे पिछड़ा कहे जाना वाला घरौंडा विकास की नई राहों पर अग्रसर है, इसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल व वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। इस मौके पर कल्याण ने कहा कि आज जो साथियों का सुझाव मिले हैं, उन पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बॉक्स: प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी यथा संभव सहायता करें
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बारिश के कारण जो बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, इसके लिए प्रशासन व विभाग पूरी तरह अलर्ट है। प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आपदा की घड़ी में सभी को यथा संभव सहायता प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए। सामाजिक संस्थाएं आगे आई हैं, पंजाब व जम्मू कश्मीर को हरियाणा की ओर से जो राशि दी गई है उसकी वे सराहना करते हैं। दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में यमुना में जो स्थिति बनी थी, उसकी हमने पूरी मुस्तैदी से योजना बनाई थी जिसके कारण बाढ़ के कारण बचाव हुआ, उस पर प्रशासन, विभाग व मैन पावर पूरी तरह अलर्ट है। उनके अपने एरिया में भी बारिश के कारण फसलों का जो नुकसान हुआ है, जिसकी उन्हें पूरी जानकारी है। मुख्यमंत्री ने भी पिछले दिनों इसकी घोषणा की थी कि किसानो की फसलों के नुकसान को क्षतिपूर्ति पोर्टल में दर्ज किया जाए ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। श्री कल्याण ने कहा कि उन्होंने खुद डीसी से बात की है कि किसान अपनी फसलों का नुकसान क्षतिपूर्ति पोर्टल में दर्ज करा पाएं ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत ना आए। श्री कल्याण ने कहा कि ये भी सच है कि जब प्राकृतिक आपदा आती है तो कई बार बड़ी से बड़ी व्यवस्थाएं छोटी पड़ जाती हैं, इसके लिए हम परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि सब ठीक रहे।