पंचकूला। सेक्टर-1 सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को पर्यावरण जागरूकता विषय पर आधारित अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया गया। इस एकदिवसीय आयोजन में रंगोली, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग तथा बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इस आयोजन में सरकारी कॉलेज सेक्टर-1 पंचकूला, महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेक्टर-14 पंचकूला, सरकारी कॉलेज बरवाला और सरकारी कॉलेज रायपुररानी की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी टीमों ने अपनी कला, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
पर्यावरण जागरूकता विषय पर अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन
प्रतियोगिताओं में प्रस्तुत रंगोलियों ने हरित जीवन का आह्वान किया, पोस्टरों ने जल, वायु एवं भूमि प्रदूषण की समस्याओं और उनके समाधान को प्रदर्शित किया, स्लोगनों ने प्रेरणादायक संदेश दिए और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता ने यह सिद्ध किया कि रचनात्मकता के माध्यम से बेकार वस्तुओं को भी उपयोगी बनाया जा सकता है।
प्राचार्य डॉ. शैलजा छाबड़ा ने कहा कि
आज की सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण असंतुलन है। हमारे विद्यार्थी जिस संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ इस विषय को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं, वह सराहनीय है। इस प्रकार के आयोजन न केवल विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति के संरक्षण हेतु जागरूक भी करते हैं। सरकार और समाज के प्रयास तभी सफल हो सकते हैं जब हमारी युवा पीढ़ी इस दिशा में अग्रसर हो। मुझे गर्व है कि हमारे महाविद्यालय ने इस महत्त्वपूर्ण विषय को प्रतियोगिता का आधार बनाया।
डॉ. नीरज सिंह, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि यह निरंतर चलने वाला आंदोलन है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में जो जागरूकता उत्पन्न हो रही है, वह भविष्य में हमारे समाज को पर्यावरण मित्र बनाने में सहायक होगी। पौधारोपण, प्लास्टिक का कम प्रयोग, ऊर्जा की बचत और जैव विविधता का संरक्षण, ये सभी कदम तभी कारगर होंगे जब छात्र-छात्राएँ इन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाएँ। आज विद्यार्थियों ने जिस जोश और रचनात्मकता से भाग लिया, वह इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। निर्णायकों ने भी विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और मेहनत की भरपूर सराहना की। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ ज्योत्सना तथा सह-संयोजक डॉ. नीरज रहे। पूरे आयोजन में महाविद्यालय परिवार का सक्रिय सहयोग रहा।