हिसार, 8 मई । लॉकडाउन होने की वजह से जवाहर नवोदय विद्यालय पाबड़ा में पढ़ रहे तेलंगाना के बच्चे पिछले काफी समय से घर नहीं जा पा रहे थे। इसकी सूचना जैसे ही नवोदय विद्यालय में पढ़े पूर्व छात्रों के संगठन नवोदय शक्ति को मिली तो उन्होंने तुरंत अपने स्तर पर बच्चों को घर भेजने के प्रयास किए। पूर्व छात्र संगठन नवोदय शक्ति के प्रधान लक्ष्मण श्योराण व मीडिया प्रभारी डॉ अजय लोहान ने बताया कि कोरोना के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन की वजह से तेलंगाना राज्य के जिला मेंडक के जवाहर नवोदय विद्यालय वारंगल में पढऩे वाले बच्चे अंतर राज्य स्थानांतरण नीति के तहत हिसार जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय पाबड़ा पढऩे आए थे, लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से सभी बच्चे यहीं पर फंस गए।
छात्रों के लिए नवोदय विद्यालय पाबड़ा के प्राचार्य और नवोदय के पूर्व छात्रों के संगठन नवोदय शक्ति के प्रयासों से एचआरडी व उपायुक्त हिसार से स्वीकृति प्रदान कर उनको उनके घर पर सकुशल भेजा गया। इससे पहले बच्चों का चेकअप करवाया गया। इतना ही नहीं बस को सेनिटाइज करवाया और जरूरी दवाई, रास्ते में खाने पीने का सामान, मास्क, सैनिटाइज व पीने के पानी की कैंपर सहित सभी जरूरी चीजें बस में रखवा कर पूर्व छात्रों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। पूर्व छात्रों द्वारा किए गए सहयोग को देखकर विदाई के समय सभी छात्रों की आंखों में खुशी के आंसू निकल पड़े और सभी बच्चों ने नवोदय शक्ति व वह स्कूल के प्राचार्य महेंद्रा राम का धन्यवाद किया। बच्चों के साथ विद्यालय की एक अध्यापिका जॉली खाका व अध्यापक विजय कुमार को छोडऩे के लिए भेजा गया। बस को स्कूल के प्राचार्य महेंद्र, उपप्राचार्य मेडम सुचिता गुप्ता व गांव के सरपंच राजेश ढिल्लो द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
स्कूल से जाने वाले छात्रों में कीर्तना प्रगति, हर्षवर्धन, ई चिन्मया अंजलि, भावेश, वेणुगोपाल सहित 20 छात्र-छात्राएं शामिल है। उन्होंने बताया कि वो लॉकडाउन होने के कारण फंस गए थे।छात्रों ने नवोदय शक्ति और स्कूल प्रशासन की घर पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि इन अपनेपन के लम्हों, हरियाणा की संस्कृति और यहां बिताए समय को वह जीवन भर याद रखेंगे।