चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने साफ किया है कि पुलिस द्वारा पूर्व में हुई घटनाओं के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। यह तकनीक कारगर साबित होने के बाद अब इसे नियमित रूप से लागू किया जा रहा है। इसके लिए हरियाणा पुलिस ने दृश्या के साथ एक एमओयू भी किया है। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला के सवाल के जवाब में पिछले दस वर्ष में हुई अपराधिक घटनाओं पर रिपोर्ट जारी कर दी है।
हरियाणा में भीड़ व दंगों से निपटने को होगा ड्रोन का प्रयोग
कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण को 106 कंपनियां तैनात
सरकार ने अपराध पर दस वर्ष में हुई घटनाओं पर जारी की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से बताया गया कि 2025 में 31 जुलाई तक राज्य में 530 हत्याएं, 2 हजार 316 अपहरण और फिरौती के लिए 12 अपहरण की घटनाएं हुई हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराध में राज्य में रेप के 779 मामले, अपहरण के 771 मामले, छेड़छाड़ के 662 मामले और दहेज हत्या के 80 मामले दर्ज किए गए हैं। अनुसूचित जातियों के विरुद्ध अपराध के कुल 557 मामले दर्ज किए गए हैं। बच्चों के विरुद्ध अपराधों में पोक्सो अधिनियम के तहत 1 हजार 106 मामले दर्ज किए गए हैं। इस रिपोर्ट में हर तरह के अपराध तथा सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का ब्यौरा दिया गया है। सरकार ने कहा है कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करने के लिए 106 लॉ एंड ऑर्डर कंपनियां तैनात की गई हैं, इन कंपनियों को किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है।
फोन पर धमकी देकर 168 से मांगी फिरौती
हरियाणा सरकार ने इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल के सवाल के जवाब में कहा है कि वर्ष 2024 के दौरान फोन पर धमकी देकर वसूली के आरोप में 168 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 114 मामलों में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इन केसों को सुलझाने में कॉल इंटरसेप्शन प्रणाली की मदद ली जा रही है।