पंचकूला। मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन ने जिला पंचकूला के 120 अध्यापकों को जीवन कौशल शिक्षा से संबंधित तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया ।मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के डायरेक्टर विकास खन्ना ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा के तीन जिलों पंचकूला ,गुरुग्राम व यमुनानगर में चल रहा है जिसके तहत मैजिक बस इंडिया का तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संध्या मलिक व जिला परियोजना अधिकारी अनिता चौधरी के सहयोग व मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण शिविर प्रथम चरण में तीन स्कूलों क्रमश: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 7, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 15 व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में संपन्न करवाया गया। इसके बाद अन्य चरणों में इसे जिला पंचकूला के चारों खंडों के अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन ने 120 अध्यापकों को दिया जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण
प्रत्येक बैच में लगभग 40 अध्यापकों ने भाग लिया और इस प्रकार इन तीनों स्कूलों में तीन बैच में लगभग 120 अध्यापक प्रशिक्षित किये गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 7 में हुए प्रशिक्षण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए सीनियर स्कूल सपोर्ट ऑफिसर तलविंदर वालिया ने बताया कि यहां विभाग की तरफ से मास्टर ट्रेनर सरिता देवी व मैजिक बस की तरफ से अर्जुन एसएसओ और तलविंदर ने मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाई, दिव्या एसएसओ ने सहायक का कार्य किया। सीनियर स्कूल स्पोर्ट ऑफिसर तलविंदर वालिया ने बताया कि जीवन कौशल शिक्षा से बच्चों में तो सकारात्मक परिवर्तन आता ही है इसके साथ अधयापकों को भी नई पहचान मिलती है व उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचारण होता है।
इस प्रशिक्षण में जीवन कौशल शिक्षा परियोजना के अंतर्गत अगले 1 साल में क्या कार्य होगा और कैसे होगा के बारे में बताया गया। अध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया कि कैसे वह जीवन कौशल शिक्षा के माध्यम से छात्रों में समय प्रबंधन , अनुशासन, संयम, सात्विक चिंतन ,समस्या पहचान व समाधान ,टीमवर्क, संवाद और आपसी संबंधों के साथ कौशल में विकास आदि गुणों को सकारात्मक गति दे सकते हैं।प्रशिक्षण शिविर में सभी अधयापकों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।इस प्रशिक्षण शिविर के सफल संचलन के लिए की गई व्यवस्थाओं हेतु स्कूल की प्रिंसिपल शीला दलाल का आभार प्रकट किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में जिले की सभी एबीआरसी बीआरपी को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह भी परियोजना में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।