पानीपत, 7 मई । हरियाणा से इस्तीफा देकर गाजियाबाद गई हरियाणा की आईएएस अफसर रानी नागर ने गुरूवार को ट्वीट कर चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते है। ट्वीट में लिखा है कि लॉकडाउन और कर्फयू में यूटी गेस्ट हाउस जनता के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन मुझे और मेरी बहन रीमा नागर को यहीं रखा गया। गुरूवार को रानी नागर ने कई सनसनीखेज ट्वीट किए। हरियाणा कैडर की आईएउस अधिकारी रानी नागर ने चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउसकी कैंटीन के संचालकों पर लगाए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस्तीफा देने से पहले रानी नागर अपनी बहन के साथ यूटी गेस्ट हाउस में अपनी बहन के साथ रुकी हुई थीं। ट्वीट में लिखा है , मैं रुपये देकर यूटीगेस्ट हाउस में जो खाना खरीदती थी उस खाने में लोहे के पिन डालकर दिया जाता था, हम दोनों ने बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ आदि से अपना गुजारा चलाया।रानी नागर ने अपने इस्तीफे पर लोगों से विवाद खड़ा न करने की अपील की है। उन्होंने लिखा है कि आप मेरा इस्तीफा रोकने के बारे में आग्रह या आंदोलन न करें। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है मैं अपने केस में न्यायपालिका जाती रहूंगी। मेरे पास अभी अपनी रोटी खाने के सिमित साधन है। मेरी आप सभी से हाथ जोडक़र विनती है जितनी जल्दी मेरा इस्तीफा स्वीकार होगा उतनी ही जल्दी मेरी तनख्वाह से कटा हुआ एनपीएस फंड मुझे मिलेगा और मैं अपनी रोटी का खर्चा चला पाउंगी। रानी नागर ने कहा है कि मेरे इस्तीफा स्वीकार न होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरें लिए संभव नही होगा।