अंबाला। तीन महीने पूर्व 15 मई 2025 को हरियाणा सरकार द्वारा 2014 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी वीरेंद्र लाठर को अंबाला जिला म्युनिसिपल (नगरपालिका) आयुक्त और साथ साथ नगर निगम, अम्बाला के कमिश्नर के पद पर तैनात किया गया था. लाठर इससे पूर्व वर्ष 2022 में भी 6 महीनों तक स्थानीय नगर निगम में कमिश्नर पद पर रहे थे। बहरहाल, अम्बाला नगर निगम आयुक्त के तौर पर ताज़ा तैनाती के आज तीन महीने बाद भी वीरेंद्र लाठर की निगम कमिश्नर के तौर पर नोटिफिकेशन (अधिसूचना) प्रकाशित की जानी लंबित है जोकि कानूनन अनिवार्य है।
तीन महीने बाद भी वीरेंद्र लाठर की निगम कमिश्नर तौर पर नोटिफिकेशन नहीं
गत माह अंबाला मंडल आयुक्त संजीव वर्मा के हस्तक्षेप बावजूद कारवाई लंबित
शहर निवासी हाईकोर्ट एडवोकेट एवं म्युनिसिपल कानून जानकार हेमंत कुमार जो इस मामले को उठाते रहे हैं, ने गत माह 14 जुलाई को इस विषय पर प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग और साथ साथ अम्बाला मंडल आयुक्त को लिखकर इस आधार पर लाठर की निगम कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति की कानूनी वैधता का सवाल उठाया था जिसके अगले ही दिन 15 जुलाई को मंडलायुक्त संजीव वर्मा द्वारा उपायुक्त (डी.सी.) अम्बाला और अम्बाला निगम आयुक्त को इस विषय पर आगामी कारवाई हेतू पत्र भी भेजा गया हालांकि इसके बावजूद आज तक इस मामले में वांछित कारवाई लंबित है.
जहां तक वीरेंद्र लाठर की जिला नगरपालिका आयुक्त के तौर पर तैनाती का विषय है, तो उस पद के लिए गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित करने का कानून में कोई अनिवार्यता नहीं है। इसी प्रकार अम्बाला नगर निगम में तैनात दो जॉइंट कमिश्नरों, जिस पद पर वर्तमान में दो एचसीएस अधिकारी नामत अदिति और पुनीत तैनात हैं उनकी नियुक्ति अर्थात तैनाती के लिए भी गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित करने की कानूनी आवश्यकता नहीं है।
हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की मौजूदा धारा 45(1) में स्पष्ट तौर पर उल्लेख है कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी गजट में नोटिफिकेशन के प्रकाशन मार्फत उपयुक्त अधिकारी की नगर निगम कमिश्नर के रूप में नियुक्ति की जाएगी . इस धारा में यह भी उल्लेख है कि सामान्य परिस्थितियों में नगर निगम कमिश्नर का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा जिसे राज्य सरकार द्वारा अधिकतम तीन वर्ष की अवधि के लिए और भी बढ़ाया जा सकता है. हालांकि राज्य सरकार किसी अधिकारी को तीन वर्ष के कार्यकाल से पहले भी वापिस बुला सकती है. वास्तविकता यह है कि अम्बाला नगर निगम में गत चार वर्षो में एक-एक कर दस नगर निगम कमिश्नरों का तबादला हो चुका है.
हेमंत ने आगे बताया कि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की मौजूदा धारा 45(1) में स्पष्ट उल्लेख बावजूद आज तीन महीने का समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा वीरेंद्र लाठर की अम्बाला नगर निगम कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति सम्बन्धी गजट अधिसूचना प्रकाशित नहीं की गई है. इस आधार पर नगर निगम कमिश्नर की नियुक्ति पर कानूनी प्रश्न चिन्ह भी उठता है. गजट नोटिफिकेशन में नगर निगम कमिश्नर की नियुक्ति अधिसूचित न होने के कारण उसके द्वारा पारित आदेशो/निर्देशों को अदालत में चुनौती भी दी जा सकती है. हेमंत का यह भी तर्क है कि चूँकि अम्बाला नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र लाठर स्वयं भी हरियाणा सरकार में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी डिपार्टमेंट में कंट्रोलर पद पर तैनात रहे चुके है, जहाँ प्रदेश सरकार की सभी प्रकार की गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित होती है, इसलिए उन्हें इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए. लाठर की आई.ए.एस. से रिटायरमेंट आठ महीने बाद अगले वर्ष 30 अप्रैल 2026 को निर्धारित है।