चंडीगढ़। 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा मानव अधिकार आयोग के मुख्यालय में गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विविध रंग
ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें आयोग के सदस्य कुलदीप जैन ने अपने सुरीले अंदाज़ में देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावनाओं से सराबोर कर दिया। महिला अधिकारियों ने सामूहिक नृत्य और पुरुष अधिकारियों ने सामूहिक गायन से कार्यक्रम में ऊर्जा भर दी।
अध्यक्ष का संबोधन – भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा की भूमिका और मानवाधिकार का महत्व
अपने प्रेरक संबोधन में अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों की याद दिलाने का दिन है। उन्होंने हरियाणा और स्वतंत्रता संग्राम के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा:
• 1857 की क्रांति के केंद्रों में हरियाणा – अंबाला, रोहतक, झज्जर, हिसार, गुरुग्राम जैसे क्षेत्रों के वीरों ने अंग्रेजों के खिलाफ खुला विद्रोह किया।
• बलिदानियों की भूमि – राव तुलाराम, नाहर सिंह जैसे वीरों ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
• असहयोग और भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान – हरियाणा के किसानों और युवाओं ने हर चरण में सक्रिय भागीदारी की।
• सैन्य योगदान – हरियाणा की मात्र 2% जनसंख्या होने के बावजूद भारतीय सेना में 11% योगदान राज्य के युवाओं का है।
• उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और मानव अधिकार एक-दूसरे के पूरक हैं। 1947 में मिली स्वतंत्रता ने हमें यह अधिकार दिया कि जाति, धर्म, लिंग या भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। आयोग का उद्देश्य भी यही है कि हर नागरिक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।
संकल्प और कर्तव्य
• अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि:
• आयोग को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
• मानवाधिकार जागरूकता के लिए अधिक से अधिक कार्यक्रम होंगे।
• शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए तकनीक और पारदर्शिता का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
आयोग के उल्लेखनीय कार्यों का उल्लेख
अध्यक्ष ने इस वर्ष आयोग द्वारा की गई कई महत्वपूर्ण पहलों का भी जिक्र किया, जिनमें शामिल हैं:
• नूंह अस्पताल में नवजात शिशु की लापरवाही पर तत्काल संज्ञान।
• हिसार के जर्जर स्कूल भवनों पर स्वतः संज्ञान लेकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई।
• वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय हस्तक्षेप।
• गुरुग्राम में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर निगम को निर्देश।
• पार्कों की दुर्दशा और ग्रीन श्मशान जैसी पर्यावरणीय पहलों पर कार्यवाही।
• महिला कैदियों के अधिकारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुति।
• SIRTAR में गंभीर लापरवाहियों पर सुधारात्मक आदेश।
• खतरनाक इमारतों और स्कूलों में अमानवीय व्यवहार के मामलों पर सख्त कार्रवाई।
• विकलांग व्यक्ति को निर्वस्त्र करने वाले पुलिसकर्मियों पर जुर्माना।
• जेल निरीक्षण, वृद्धाश्रम और बालगृहों में सुविधाओं में सुधार के प्रयास।
• हरियाणा मानव अधिकार आयोग में कार्यरत सभी की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए आधारभूत ढांचे के विकास के लिए प्रयास किये गए है|
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि एक ऐसा समाज बनाना है जहाँ न्याय, समानता और मानव गरिमा सर्वोच्च हो। कार्यक्रम के अंत में आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि सदस्य दीप भाटिया ने राष्ट्रीय उत्सव मेंगरिमामई उपस्थिति के लिए अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन, पूनम ललित बत्रा. सेक्रेटरी जयबीर सिंह आर्य (IAS), रजिस्ट्रार वरिंदर शाही, डीएसपी तान्या सिंह, डीएसपी संत कुमारकातथा सभी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।