पंचकूला। मेयर से 42 लाख की ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान अहम खुलासे हुए हैं। शुक्रवार को डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि आरोपियों के रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि यह एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह है जिनके खिलाफ इसके अलावा 12 राज्यों महाराष्ट्र, पंजाब, यू.पी., दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना में प्राप्त 17 शिकायतो में 2 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।
पुलिस ने आरोपियों का दो दिन का रिमांड लिया है। पुलिस आरोपियों से इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे जानकारी जुटाएगी साथ ही इसके द्वारा किए गए अन्य फ्रॉड के बारे भी लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही अगर किसी बैंक कर्मचारी की भागीदारी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 26 जून को मेयर के बेटे के मोबाइल पर एक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें बताया गया था कि कंपनी के बैंक खाते से दो संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी लेटर हेड और दस्तावेजों के माध्यम से 42,52,000 की ठगी को अंजाम दिया है।
अंतरराज्यीय साइबर ठग का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 12 राज्यों में फैला ठगी का नेटवर्क
12 राज्यों में 17 शिकायतों में 2 करोड़ 75 लाख की ठगी का पर्दाफाश
महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी., दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना तक फैले गिरोह के तार
16 मोबाइल, दो लैपटॉप, 37 एटीएम बरामद
इस मामले में पहली गिरफ्तारी 5 जुलाई को हुई जब उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सलाउद्दीन अंसारी और श्याम दयाल को गिरफ्तार कर दस दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद 18 जुलाई को बिहार निवासी देवव्रत को पकड़ा गया जिसे 25 जुलाई तक के रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर 23 जुलाई को गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों राहुल कुमार उर्फ बंटी, आलोक कुमार उर्फ बंटू, और प्रतीक राज उर्फ अंकित को बिहार से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 16 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 37 एटीएम कार्ड, 3 पेटीएम साउंड बॉक्स, 2 जिओ फाइबर डिवाइस, 4 फर्जी सिम कार्ड, 3 बैंक किट, 9 चेकबुक, 2 पासबुक और 30,000 नकद बरामद किए है।