चंडीगढ़, 6 मई। हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान छूट दिए जाने का विरोध कर रहे हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अब कोविड अस्पतालों में ओपीडी शुरू किए जाने के विरोध में आ गए हैं। कोविड अस्पतालों में ओपीडी शुरू करने का फैसला मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता वाली कमेटी ने लिया था। जिसका स्वास्थ्य मंत्री ने विरोध कर दिया है। (SUBHEAD) बुधवार को चंडीगढ़ में वास्थ्य मंत्री ने यहां तक कह दिया कि उनके ही विभाग से जुड़े इस फैसले की उन्हें कोई अधिकारिक सूचना नहीं है। उन्होंने दो-टूक कहा है कि कोविड अस्पताल में रुटीन वाली प्रेक्टिस शुरू कर ही नहीं सकते। सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई बैठक में सभी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में कोविड मरीजों के लिए दो डायलेसिस मशीन आरक्षित रखने का निर्णय लिया था। इसी बैठक में यह भी तय हुआ था कि सभी विशेष कोविड-19 अस्पतालों में 100-150 बिस्तरों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखने के बाद शेष वार्ड और ओपीडी अन्य मरीजों के लिए सामान्य रूप से काम शुरू करेंगी। सरकार ने प्रदेशभर में कुल 11 विशेष कोविड-19 अस्पताल बनाए हैं। प्रदेश में संक्रमण के केस रोजाना बढ़ रहे हैं। पिछले पांच दिनों में प्रदेश में 200 नये कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। स्वाभाविक हैं कि इन सभी को कोविड-19 अस्पतालों में दाखिल किया गया होगा। ऐसे में यहां अगर आम लोगों के लिए ओपीडी शुरू होती है तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ सकता है।