पंचकूला, 4 मई । आम आदमी पार्टी ने लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर केंद्रीय रेल मंत्रालय द्वारा रेल में जाने का किराया वसूलने की कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि एक तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर्स फंड में 151 करोड़ रुपए का दान दे रहा है तो दूसरी तरफ मजदूरों से किराया वसूल रहा है।
आज यहां जारी एक ब्यान में पार्टी के उत्तरी हरियाणा जोन के सचिव योगेश्वर शर्मा ने कहा, मजदूर दिवस के करीब मजदूरों से एक बहुत की क्रूर माजाक है। उन्होंने कहा कि श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के देश में लॉकडाउन कर दिया था। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाऊन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार अपने अपने घर वापस लौटने से वंचित हो गए थे। उन्होंने आगे कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। उन्होंने कहा कि एक ओर तो एयर इंडिया विदेश में फंसे भारतीयों को मुफ्त में देश में वापस लेकर आई,यह उसकी अच्छी बात रही। मगर दूसरी ओर रेलवे मजदूरों से किराया वसूल रही है, जबकि उसे भली भांति पता है कि पिछले दिनों लॉकडाउन के चलते मजदूर दिहाड़ी न लगा पाने के चलते पैसे नहीं कमा पाये थे, ऐसे में वे ये पैसे कैसे और कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की कैसी नैतिकता है कि वह भूखे-प्यासे प्रवासी मजदूरों से उनकी यात्रा का शुल्क वसूल कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे मजदूरों का किराया देने से मना करती है तो इसे पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए। जिसमें पिछले दिनों अथाह पैसा जमा हुआ है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री कार्यालय एक श्वेतपत्र जारी करे कि पीएम केयर्स फंड में कितना पैसा कहां कहां से आया और कहां कहां कितना पैसा इस्तेमाल किया गया।