चंडीगढ़। बिजली महकमा प्रदेश में सामान्य 400-500 रुपये के बिजली बिल भरने वालों परिवारों को लाखों रुपये भारी भरकम बिल थमा रहा है। बिलों को दुरुस्त करने की बजाय बिजली विभाग कनेक्शन काटने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने शून्यकाल के दौरान बिजली के बढ़े बिलों का मुद्दा उठाया। वहीं बिजली मंत्री अनिल विज ने शून्यकाल में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि माननीय उन्हें अपने-अपने हलकों के बढ़े हुए बिजली बिलों बारे अवगत कराएं। उन्हें न केवल ठीक कराया जाएगा, बल्कि दोष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शून्यकाल में शिक्षा की बदहाली, बेसहारा गोवंश, किसान, पानी किल्लत और हीमोफिलिया के मरीजों के लिए इंजेक्शन व दवाइयों की कमी का मुद्दा गूंजा।
नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने शून्यकाल में उठाया बिजली के बिलों में बढ़ोतरी का मुद्दा
कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने बिजली के बढ़े बिलों का मुद्दा उठाते हुए कहा, गरीब परिवारों को लाखों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। जो परिवार सामान्य तौर पर 400 से 500 रुपये बिजली के बिल नियमित रूप से भर रहे हैं, उन्हें दो लाख, पांच लाख से लेकर 9 लाख रुपये तक के बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। यही नहीं, बिजली महकमे द्वारा उनके बिल ठीक करने की बजाय, कनेक्शन काटे जा रहे हैं। वे दिशा की मीटिंग से लेकर अन्य सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ है। बिजली मंत्री अनिल विज ने जवाब दिया कि कुछ जगह ऐसे मामले बिजली के बढ़े बिलों के हैं। विधायक अपने हलके से संबंधित बिजली के बढ़े बिलों बारे उन्हें अवगत कराए, उन्हें ठीक कराने के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनआईटी फरीदाबाद से भाजपा विधायक सतीश कुमार फागना ने अपने क्षेत्र में पीने के पानी और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस विधायक ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा
कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने शून्यकाल के दौरान शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के साथ बच्चों की संख्या भी लगातार घट रही है। सरकार नई शिक्षा नीति को लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन स्कूलों में न तो शिक्षक हैं और न ही बच्चे हैं। मेवात में स्कूलों का बुरा हाल है। कांग्रेस सरकार ने मेवात में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अलग से मेवात कैडर बनाया था, लेकिन सरकार भर्तियां नहीं कर रही है।
इसके साथ ही फतेहाबाद से विधायक बलवान दौलतपुरिया ने एजुसेट चौकीदारों को सेवादार या माली के पदों पर समायोजन करने की मांग की।
किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा पानी
इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने सिंचाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने मेरा पानी-मेरा विरासत योजना की शुरुआत की है। धान की बजाय दूसरी फसल उगाने पर प्रोत्साहन राशि देने का दावा दिया जा रहा है, लेकिन सरकार सिंचाई के स्त्रोतों को बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ओमप्रकाश चौटाला ने रिचार्जिंग के लिए दादूपुर-नलवी नहर की शुरुआत की थी, जबकि दूसरे सरकारों ने उसे आगे बढ़ाने का काम किया, जबकि भाजपा सरकार ने उसे डि-नोटिफाइ करके किसानों के जल स्त्रोत को खत्म करने का काम किया है। वहीं उन्होंने मांग कि एसवाईएल का फैसला जब हरियाणा के हक में तो सरकार के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर हरियाणा को एसवाईएल का पानी दिलाना चाहिए।
गोवंश की बेकद्री को लेकर उठाए जाएं सजग कदम
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने शून्यकाल के दौरान बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों व बंदरों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि बेसहारा गोवंश के लिए सरकार द्वारा निर्धारित की गई चारा राशि पर्याप्त नहीं है। गोशालाओं में गोवंश को चारा नहीं मिलने के चलते अकाल मौत का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, सड़कों पर गोवंश की बढ़ती तादाद से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। अरोड़ा ने मांग कि गोवंश के लिए प्रतिदिन 100 रुपये चारा राशि निर्धारित की जानी चाहिए। वहीं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जवाब दिया कि सरकार गोवंश की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह चिंतित है। 63 गोशालाओं में शैड डालने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं बजट में 500 करोड़ रुपये का अलग से गोवंश के लिए प्रावधान किया गया है।
कांग्रेस विधायक बोले, हारे हुए प्रत्याशी कर रहे उद्घाटन-विधायक को न्यौता नहीं
शाहाबाद से कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने शून्यकाल के दौरान अपने मन की टीस जाहिर करते हुए मुद्दा उठाया कि हारे हुए प्रत्याशी विकास कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं, जबकि मौजूदा विधायक को न्यौता नहीं दिया जाता। उन्होंने विस अध्यक्ष से सवाल किया कि क्या विधानसभा में ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया है कि हारे हुए प्रत्याशी विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे, उनके साथ कई विधायकों ने हां-में-हां मिलाई। वहीं उन्होंने खेतों के रास्तों को पक्का करने और तालाबों के पानी से खेतों की सिंचाई कराने की मांग की। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जवाब दिया कि पंचायत विभाग की ओर से तीन से चार क्रम के रास्तों को पक्का कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा, प्रदेश में 19 हजार तालाब हैं, जिनमें से छह हजार तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की गई है और 2200 तालाबों पर काम शुरू हो चुका है।
प्रदेश के अस्पतालों में नहीं हीमोफिलिया की दवा और इंजेक्शन
कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने प्रदेश के अस्पतालों में हीमोफिलिया की दवा व इंजेक्शन नहीं होने का मुद्दा उठाया। आदित्य का कहना था कि प्रदेशभर में हीमोफिलिया के 400 मरीज हैं, जिन्हें तीन हजार रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है। मगर, अस्पतालों में दवा व इंजेक्शन नहीं है। मरीजों को दवा व इंजेक्शन के लिए दिल्ली एम्स और चंडीगढ़ पीजीआई में चक्कर करने पड़ते हैं।
अर्जुन चौटाला ने सीसीएसयू के वीसी को स्वामीनाथन अवार्ड मिलने पर उठाई आपत्ति
इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को स्वामीनाथन अवार्ड मिलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने वीसी के अवार्ड को फर्जी करार देते हुए पैसे देकर अवार्ड खरीदने का आरोप लगाया। वहीं उन्होंने विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए। अर्जुन का कहना था कि स्वामीनाथन अवार्ड अभी तक 13 लोगों को दिया गया है, जबकि अंतिम अवार्ड 2023 में दिया गया था। जिस एग्री मीट फाउंडेशन द्वारा अवार्ड देने का वीसी साहब जिक्र कर रहे हैं, वह कोई अवार्ड नहीं देती है। उन्होंने एमडीयू में एमएमबीएस का पेपर लीक होने का मुद्दा भी उठाया।