वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये वित्तीय सुधार केंद्रीय सहायता में भारी गिरावट के बावजूद प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा, “2017 से 2022 के दौरान कांग्रेस सरकार को 17,740 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 54,600 करोड़ रुपये जी.एस.टी. मुआवजे के रूप में मिले, जो कुल मिलाकर 72,340 करोड़ रुपये बनते हैं। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार को जनवरी 2026 तक राजस्व घाटा अनुदान में सिर्फ 15,887 करोड़ रुपये और जी.एस.टी. मुआवजे में 11,945 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो कुल 27,832 करोड़ रुपये बनते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार की तुलना में राजस्व घाटा अनुदान और जी.एस.टी. मुआवजे में 62 प्रतिशत कम राशि मिली है, और अब ये अनुदान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की समाप्ति करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खजाने के कामकाज में पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने पूरी पेंशन वितरण प्रणाली को डिजिटल करने के लिए ‘पेंशन सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की है और बैंकिंग धोखाधड़ी से निपटने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू किया है। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राज्य ने एस.एन.ए.-स्पर्श पहलकदमी के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी ढंग से डिजिटाइज करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में 800 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त करके एक बड़ा मील पत्थर हासिल किया है।”