मोहाली, 18 मार्च 2026 सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज पंजाब सरकार की उस रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें कहा गया है कि सहकारी बैंकों के जरिए कर्ज में डूबे किसानों की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है, जो पंजाब के किसानों से झूठे वादे करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब उन्हीं किसानों को निशाना बना रही है, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी। बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि लैंड पूलिंग स्कीम को लागू करने में विफल रहने और पीएसपीसीएल तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की जमीन बेचने की कोशिशों के बाद अब भगवंत मान सरकार अपना खाली खजाना भरने के लिए संघर्ष कर रहे किसानों की जमीन पर नजर गड़ाए बैठी है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि खुद को किसानों का बेटा कहने वाला मुख्यमंत्री अपनी सरकार के पहले दिन से ही लगातार किसानों के हितों के खिलाफ काम करता आ रहा है।
कर्ज में डूबे किसान परिवारों को जमीन की नीलामी की ओर धकेलकर पंजाब के किसानों से विश्वासघात कर रही है आप सरकार: बलबीर सिंह सिद्धू
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने किसानों को कर्ज माफी देकर मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े होने का काम किया था, लेकिन भगवंत मान सरकार इसका ठीक उलटा कर रही है और अब कर्ज में डूबे किसानों को उनकी जमीन की नीलामी की ओर धकेल रही है।
“भगवंत मान ने 22 फसलों पर एमएसपी देने का वादा किया था, लेकिन वह वादा ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। किसानों ने जब शांतिपूर्वक अपनी आवाज उठाई तो उन्हें बल और डराने-धमकाने से जवाब दिया गया। अब कर्ज और संकट में फंसे किसानों को सहारा देने की बजाय यह सरकार उनकी जमीन नीलाम करने की तैयारी कर रही है। यह शासन नहीं, विश्वासघात है,” बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान पहले ही बढ़ती लागत, कर्ज के बोझ और नीतिगत विफलताओं के कारण भारी आर्थिक दबाव में है, और ऐसे समय में सरकार का कर्तव्य किसानों की रक्षा करना है, न कि उन्हें और बर्बादी की ओर धकेलना। सिद्धू ने कहा कि यह कदम आप सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन का प्रमाण है, जो राज्य को जिम्मेदारी से चलाने में विफल रही है और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आसान निशाने तलाश रही है।