सिद्धू ने आगे कहा कि यह बजट सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बेहद निराशाजनक है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने का ढोंग करने वाली सरकार ने बजट में इसके लिए कोई फंड नहीं रखा, जिससे कर्मचारी वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता (DA) की पांच बकाया किस्तों को लेकर सरकार की चुप्पी बजट में भी बरकरार है, जिससे राज्य के कर्मचारियों में भारी रोष है, क्योंकि वे पहले ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाबी भाषा के विकास और प्रसार के लिए भी कोई विशेष बजट नहीं रखा, जो राज्य की मातृभाषा के साथ सरासर अन्याय है।उन्होंने अंत में कहा कि यह बजट केवल आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक दस्तावेज है, जिसका आम जनता के विकास से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।