* नई दिल्ली / चंडीगढ़ , 15 मार्च:* राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने देश की टेलीकॉम कंपनियों द्वारा आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और कंपनियों की कथित लूट वाली नीतियों का मुद्दा संसद में उठाया है। उन्होंने राज्यसभा में सवाल के माध्यम से केंद्र सरकार से पूछा कि क्या सरकार टेलीकॉम कंपनियों द्वारा ग्राहकों के साथ हो रहे शोषण और जबरदस्ती वाली नीतियों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है।
*महंगे रिचार्ज और रिचार्ज न होने पर सिम बंद करने की नीतियों पर सरकार से मांगा जवाब* *सस्ते रिचार्ज, सिम बंद होने के डर से राहत और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की*
संत सीचेवाल ने खास तौर पर यह मुद्दा उठाया कि आज मोबाइल उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार छोटे रिचार्ज करने की आज़ादी नहीं रह गई है। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा महंगे प्लान थोपे जा रहे हैं और यदि कोई ग्राहक निर्धारित समय के भीतर रिचार्ज नहीं करता तो उसकी सिम डीएक्टिवेट (बंद) कर दी जाती है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या टेलीकॉम नियमों में संशोधन कर लोगों को अपनी उपयोगिता के अनुसार छोटे और सस्ते रिचार्ज की आज़ादी दी जाएगी, ताकि आम लोगों में सिम बंद होने का डर न रहे, और क्या टैरिफ तथा वैधता नीतियों में अधिक पारदर्शिता लाई जाएगी।
सरकार की ओर से दिए गए जवाब में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेमासानी चंद्र शेखर ने कहा कि टेलीकॉम सेवाओं के टैरिफ की निगरानी “टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया” के नियमों के तहत की जाती है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को बाजार की स्थिति के आधार पर अपने टैरिफ तय करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने बताया कि नियमों का पालन करते हुए कंपनियां विभिन्न प्रकार की कॉल, संदेश, डेटा ऑफर और अलग-अलग अवधि वाले प्लान तैयार कर सकती हैं।