चंडीगढ़, 2 नवंबर: हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि पूर्ण रूप से विकसित हरियाणा का निर्माण तभी संभव है, जब इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी हो और एक जागरूक समाज तैयार किया जाए। जनप्रतिनिधि समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोग उनकी बात सुनते हैं और उनके आचरण का अनुसरण करते हैं। इसलिए प्रत्येक जनप्रतिनिधि को समाज के लिए रोल मॉडल बनकर संवैधानिक मूल्यों और जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
हरविन्द्र कल्याण सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हरियाणा विधानसभा द्वारा संविधान पखवाड़े के तहत आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन हरियाणा के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रदेश के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि एक स्थान पर एकत्र हुए हैं। यह सम्मेलन हरियाणा के 60 वर्षों के सफर को याद करने के साथ-साथ भविष्य के विकसित हरियाणा के निर्माण में अपनी भूमिका तय करने का अवसर है। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा सहित मंत्रीगण, विधायकगण उपस्थित थे। लोकसभा अध्यक्ष ने दीप प्रज्जवलित कर जनप्रतिनिधि सम्मेलन का उद्घाटन किया।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश के सभी राज्यों के विधानमंडलों और विधायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न विधानसभाओं के बीच अच्छी कार्यप्रणालियों और नवाचारों को साझा करने से सभी को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि ओम बिरला के मार्गदर्शन और लोकसभा के सहयोग से हरियाणा विधान सभा में भी विधायिका को सशक्त बनाने के लिए अनेक गतिविधियां शुरू की गई हैं।
संविधान पखवाड़े के माध्यम से नागरिकों को संवैधानिक मूल्यों और विधायिका की कार्यप्रणाली के प्रति किया जाएगा जागरूक
लोकसभा के सहयोग और अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन से हरियाणा विधान सभा में शुरू हुईं विधायिका को सशक्त बनाने की अनेक गतिविधियां
हरविन्द्र कल्याण ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि हरियाणा विधानसभा की गतिविधियों तथा कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री का निरंतर सहयोग मिलता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा, मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों तथा सभी अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1966 में जब हरियाणा अलग राज्य बना, तब प्रदेश के सामने सीमित संसाधन थे और प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती थी। उस समय लोगों के मन में यह सवाल था कि प्रदेश किस तरह आगे बढ़ेगा। लेकिन बुजुर्गों के परिश्रम, किसानों, मजदूरों, उद्यमियों की मेहनत और समय-समय पर मिले कुशल नेतृत्व के कारण आज हरियाणा ने देश के मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों और वीर जवानों ने भी अपने पुरुषार्थ और साहस से हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, संघर्ष और परिश्रम से प्रदेश की तरक्की में योगदान दिया है। उन्होंने विधानसभा में चर्चा के माध्यम से लोगों की समस्याएं उठाईं, नीतियां बनाने और कानून निर्माण में भूमिका निभाई तथा कठिन परिस्थितियों में समाज को दिशा देने का काम किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के आगामी सत्रों में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के अनुभव से नए और युवा विधायकों को मार्गदर्शन मिलेगा।
कल्याण ने कहा कि लोकसभा के सहयोग से हरियाणा विधानसभा में संसदीय प्रणाली, विधायिका और संवैधानिक मूल्यों के प्रति आमजन की रुचि और जागरूकता बढ़ाने के लिए सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की गई हैं। इन प्रयासों में लोकसभा का महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। उन्होंने इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि संविधान पखवाड़े के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जनभागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी। इसके तहत युवा संसद का आयोजन होगा और संविधान दिवस पर हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए भी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज का जनप्रतिनिधि सम्मेलन सभी के लिए सामूहिक संकल्प लेने का अवसर है। अतीत से सीख लेकर और अपने अनुभव के आधार पर सभी को विकसित हरियाणा के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की भागीदारी और जागरूकता के बिना पूर्ण विकास की कल्पना संभव नहीं है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि को अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने और उन्हें विकास की प्रक्रिया से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सभी को वोट का अधिकार संविधान की महत्वपूर्ण देन
इस अवसर पर हरियाणा विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सम्मेलन के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण का आभार व्यक्त किया और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन ने सभी जनप्रतिनिधियों को अपने विचार रखने और एक-दूसरे की बात सुनने का अवसर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संविधान बनने से पहले देश में प्रत्येक व्यक्ति को वोट देने का अधिकार नहीं था। उस समय मतदान का अधिकार आय, जमीन की मिल्कियत और शिक्षा जैसी निर्धारित योग्यताओं पर आधारित था। आजादी के बाद संविधान ने सभी नागरिकों को समान मताधिकार दिया। आज हर व्यक्ति को, चाहे वह गरीब हो या अमीर, एक समान वोट देने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान की महत्वपूर्ण देन है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल विधायक या सांसद ही नहीं होते, बल्कि पंच और सरपंच से लेकर संसद तक सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि के काम की तीन कसौटियां हैं—जनता की बात सुनना, उसकी बात का जवाब देना और जवाबदेही निभाना। जनता की अपेक्षाओं को समझकर ऐसे कानून और नीतियां बनाने चाहिए, जिनसे लोग संतुष्ट हों और उनकी समस्याओं का समाधान हो।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष की विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही होना चाहिए कि जनता का हित और प्रदेश की प्रगति।
इसके बाद कार्यक्रम को पूर्व मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री अशोक कुमार अरोड़ा, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व विस अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, पूर्व विस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कंवर पाल, पूर्व मंत्री गीता भुक्कल, पूर्व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह, पूर्व विस उपाध्यक्ष संतोष यादव, पूर्व मंत्री किरण चौधरी, पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, पूर्व विधायक लहरी सिंह, पूर्व विधायक कैलाश चंद्र शर्मा, मुख्य सचेतक रामकुमार कश्यप, पूर्व मंत्री प्रो. छत्तर पाल, पूर्व विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, डॉ. शिवशंकर भारद्वाज आदि ने भी संबोधित किया।