मोहाली | शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसान नेताओं को गिरफ्तार कर उन्हे नजरबंद करके पंजाब में अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी है । उन्होने कहा कि यह सिर्फ इसीलिए किया गया क्योंकि उन्होने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 2022 में राज्य की बागडोर संभालने से पहले किसानों सके किए गए वादों के बारे में याद दिलाया था।
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अकाली नेता एन.के शर्मा , रंजीत सिंह गिल और परमिंदर सिंह सोहाना ने कहा ,‘‘ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित करने के बाद उन्हे अपमानित किया और धमकी भी दी।’’ उन्होेने कहा कि किसानों की शिकायतों का समाधान करने की कोशिश करने के बजाय, वह मीटिंग से गुस्से में तब चले गए जब उन्हे उनके और उनके बाॅस अरविंद केजरीवाल द्वारा 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए वादों की याद दिलाई गई।
श्री एन.के शर्मा ने कहा कि आप सरकार किसानों से किए गए सभी वादों से मुकर गई है। उन्होने कहा ,‘‘ मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल ने न केवल सभी 22 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने का वादा किया था, बल्कि किसानों को दालें और मक्का बोने के लिए प्रोत्साहित किया था। उन्होने कहा कि जिन किसानों ने आप नेताओं की बात पर विश्वास किया, उन्हे सैंकड़ों करोड़ रूपये का नुकसान हुआ, जबकि आप सरकार द्वारा मूंग की पूरी फसल का केवल 0.01 फीसदी ही एम.एस.पी पर खरीदा गया था।’’
एन.के शर्मा, रंजीत सिंह गिल और परमिंदर सिंह सोहाना ने कहा कि आप सरकार किसानों से किए गए सभी वादों से मुकर गई
नेताओं ने कहा कि दो साल पहले बाढ़ के दौरान भारी नुकसान उठाने वाले किसानों को भी मुख्यमंत्री ने धोखा दिया था, जिन्होेने बकरियों और मुर्गियों जैसे पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजा देने का वादा किया था, जबकि फसल के नुकसान के लिए मुआवजा देना तो बहुत दूर की बात है। उन्होने कहा कि इसके बाद कई मौके आए जब किसानों को जलवायु परिस्थितियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन आप सरकार से उन्हे कोई सहायता नही मिली।
नेताओं ने कहा कि इसके विपरीत, पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल किसी भी तरह की शिकायत होने पर विपक्ष के सभी नेताओं के साथ-साथ किसान नेताओं से भी मिलते थे। उन्होने कहा,‘‘ बातचीत के माध्यम से समाधान की की यही पाॅलिसी सभी यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ पालन किया था, जिससे राज्य में चारो तरफ शांति और समृद्धि आई ।’’
इस बीच श्री एन.के शर्मा और श्री रंजीत गिल ने तहसीलों में मुख्यमंत्री की कार्रवाई को किसान नेताओं की गिरफ्तारियों से ध्यान हटाने का प्रयास बताया। उन्होने कहा,‘‘ आप पार्टी के कार्यकाल में तहसीलों में भ्रष्टाचार बढ़ा है और दिल्ली में आप पार्टी के आलाकमान के शीर्ष स्तर तक पैसे पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि राज्य में नशे के मामले में भी यही स्थिति है, जहां आप नेता ड्रग तस्करों से महीनेवार पैसे लेते हैं, यहां तक कि नशे की लत के खिलाफ दिखावटी अभियान चलाए जा रहे हैं।’’