Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

चंडीगढ़

इंटरनेशनल सेमिनार में प्रबंधन शिक्षा के उभरते परिदृश्य पर विशेषज्ञों ने की चर्चा

Updated on Wednesday, February 19, 2025 19:56 PM IST

चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के कामर्स एंड मैनेजमेंट पोस्टग्रेजुएट विभाग की ओर से पीएम-ऊषा योजना के तहत पीएमएलएसडी बिजनेस स्कूल में "प्रबंधन शिक्षा में बदलते प्रतिमान" विषय पर इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार ने शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और स्कॉलर्स के लिए एक ऐसे मंच के रूप में कार्य किया जहां तकनीकी प्रगति और वैश्विक आर्थिक बदलावों द्वारा आकार ले रहे प्रबंधन शिक्षा के उभरते परिदृश्य पर चर्चा की गई।

जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने अपने संबोधन में कॉलेज की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उपस्थित लोगों के साथ इसकी उल्लेखनीय उपलब्धियों को साझा किया। डॉ. शर्मा ने आज के तेजी से विकसित हो रहे संदर्भ में प्रबंधन शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने की तत्काल आवश्यकता पर बात की। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रांति और वैश्वीकरण के मद्देनजर प्रबंधन शिक्षा के पारंपरिक मॉडल अपर्याप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रबंधन शिक्षा को पुनर्परिभाषित करना महज एक अकादमिक अभ्यास नहीं है – यह विजरनी लीडर्स को विकसित करने के लिए आवश्यक है जो नवाचार को आगे बढ़ा सकें, सस्टेनेबल बिजनेस प्रैक्टिस को बढ़ावा दे सकें और डिजिटल युग में कामयाब हो सकें।

किंग्स कॉलेज, लंदन के कैबिनेट आफिस के सिविल सर्वेंट (डिजिटल एवं सिस्टम प्रमुख) डॉ. रविंदर सिंह झंडू ने पुरानी पड़ चुकी पारंपरिक शिक्षा को पुनर्जीवित करने तथा निरंतर सीखने को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पारंपरिक शिक्षा प्रणालियों की स्थिर और पुरानी प्रकृति की आलोचनात्मक जांच की, तथा सॉफ्ट स्किल्स को विकसित करने, निरंतर सीखने को बढ़ावा देने और उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने की दिशा में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोफेसर झंडू ने शैक्षिक ढांचे में क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के फैकल्टी आफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. गगन दीप शर्मा ने राजनीतिक या राज्य के प्रभावों पर व्यापार की सर्वोच्चता पर बल दिया, तथा इस संदर्भ में अनुभवात्मक शिक्षा और शैक्षिक व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अनुभवात्मक शिक्षा अकादमिक सिद्धांत और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के बीच के अंतर को कम करती है, जिससे व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि शैक्षिक व्यापार अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और ज्ञान के वैश्विक प्रसार को बढ़ावा देता है, जिससे राजनीतिक संस्थाओं के सापेक्ष व्यापार क्षेत्र की स्थिति और मजबूत होती है।

एजीएच साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी , पोलैंड के बिजनेस इंफॉर्मेशन और मैनेजमेंट इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. जेरज़ी डूडा ने शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी के इतिहास और शोध क्षेत्रों के संक्षिप्त परिचय के साथ बातचीत शुरू की। इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न प्रकार के एआई पर जोर दिया और प्रबंधन शिक्षा में एआई के अनुशासन के संस्थापकों में से एक जॉन मैकार्थी के योगदान का भी उल्लेख किया। एजीएच साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी , पोलैंड के सोशल कैपिटल एंड आर्गेनाइजेशनल मैनेजमेंट के डॉ. जोआना डूडा ने विषय पर गहन अंतर्दृष्टि प्रदान की और प्रतिभागियों को नौकरियां पैदा करके रोजगार की समस्याओं को हल करने के बारे में मार्गदर्शन दिया और इस बात पर जोर दिया कि विकासशील देशों के लिए रणनीति विकसित करना एक बहुत जरूरी समाधान है।

एजीएच साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी , पोलैंड के डॉ. राफाल कुसा ने मुख्य विषय पर चर्चा की और स्किल गैप, डिजिटल स्किल्स, अनुप्रस्थ और प्रबंधकीय कौशल के बारे में चर्चा की। उन्होंने कॉर्पोरेट एंट्रप्रेन्योरशिप, इनोवेशन एवं क्रिएटिविटी, रिस्क टेकिंग और स्ट्रैटेजिक रिन्यूअल जैसे संगठनात्मक उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। सेमिनार में प्रबंधन शिक्षा में महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने गतिशील व्यावसायिक वातावरण के लिए आवश्यक दक्षताओं से छात्रों को सुसज्जित करने के लिए कौशल-आधारित, अंतःविषयक और अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

पीजी कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग के हेड डॉ.राजीव बहल ने समकालीन उद्योग की मांगों के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। डीन कामर्स डॉ. मेरु सहगल ने सभी वक्ताओं व अन्य लोगों के प्रति औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन किया तथा सार्थक शैक्षिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार की प्रशंसा की। आईक्यूएसी की प्रमुख डॉ. मोनिका सचदेवा ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने और बढ़ाने के प्रति कॉलेज की मजबूत प्रतिबद्धता पर जोर दिया और प्रशासनिक दक्षता में सुधार और छात्रों और शिक्षकों के लिए नवाचार और विकास के माहौल को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के निरंतर प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। पीएम-ऊषा योजना के समन्वयक डॉ. अमित मोहिन्द्रू ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जीजीडीएसडी कॉलेज और पीएमएलएसडी बिजनेस स्कूल के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया।

Have something to say? Post your comment
एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

: एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

: जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

: वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी से 2.97 करोड़ रुपये का राजस्व

पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

: पंजाब चुनाव से पहले संत नामदेव समाज चंडीगढ़ में भरेगा हुंकार, एकजुटता का देगा संदेश

इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

: इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

: Haryanvi Film ‘Jo Lekh Likhe Ram Nai’ to Release on October 23

नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

: नवरात्रि के दौरान जागरण एवं धार्मिक आयोजनों के लिए ध्वनि अनुमति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

: आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

: पीएचडीसीसीआई ने किया यंग आर्किटेक्ट फोरम का गठन

विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

: विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू

X